इंस्टाग्राम पर दोस्ती, पहचान छिपाकर शादी और फिर मौत? प्रयागराज में दफनाई गई रीवा की युवती का 35 दिन बाद हुआ पोस्टमॉर्टम; जांच में जुटी पुलिस
रीवा/ प्रयागराज / शशि जायसवाल
मध्य प्रदेश के रीवा जिले की रहने वाली 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की संदिग्ध मौत का मामला अब एक गहरे रहस्य और आक्रोश में बदल चुका है। शादी के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में दम तोड़ने वाली गोल्डी के शव को मौत के करीब 35 दिन बाद, प्रशासन के आदेश पर कब्र से खोदकर बाहर निकाला गया। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम तो किया, लेकिन मौत की असली वजह अब भी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस ने मौत का राजफाश करने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया है।
इंस्टाग्राम पर 'प्रिंस' बनकर जाल में फंसाया, फिर किया निकाह
परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसे लेकिन बेहद खौफनाक हैं। मृतका की मां बेबी देवी और बहन सीतू के अनुसार, तीन साल पहले इंस्टाग्राम पर गोल्डी की दोस्ती प्रयागराज के साहिल खान से हुई थी। आरोप है कि साहिल ने खुद को "प्रिंस" बताकर अपनी धार्मिक पहचान छिपाई और गोल्डी को प्रेम जाल में फंसा लिया। बाद में पहले मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की गई और फिर दबाव बनाकर निकाह करा दिया गया।
गर्भावस्था में प्रताड़ना और मायके से तोड़ा संपर्क
परिजनों का दावा है कि शादी के कुछ समय बाद ही गोल्डी का उत्पीड़न शुरू हो गया। जब वह गर्भवती हुई, तो उसके साथ मारपीट और बढ़ गई। तंग आकर गोल्डी कुछ दिन मायके रही, लेकिन साहिल उसे दोबारा अपने साथ ले गया। आरोप है कि इसके बाद साहिल ने गोल्डी का मोबाइल सिम कार्ड तोड़ दिया, ताकि वह अपने परिवार से किसी भी तरह का संपर्क न कर सके।
मौत के बाद गुपचुप दफनाया, 26 दिन बाद मिली खबर
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 10 मई 2026 को गोल्डी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें बिना सूचना दिए 11 मई को ही शव को गुपचुप तरीके से दफना दिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि मायके पक्ष को इस मौत की खबर पूरे 26 दिन बाद यानी 6 जून को मिली, जिसके बाद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने रीवा व प्रयागराज प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
दूसरी ओर पति का दावा: 'बीमारी से हुई मौत'
इस पूरे मामले पर आरोपी पति साहिल और उसके परिवार का रुख अलग है। उनका दावा है कि गोल्डी की तबीयत अचानक बिगड़ी थी, जिसके बाद उसे पहले निजी और फिर बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हुई। आरोपी पक्ष का कहना है कि हत्या के सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
कब्र से निकला शव, अब विसरा जांच का इंतजार
परिजनों की गुहार पर कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए 16 जून 2026 को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। हालांकि, शव काफी पुराना होने के कारण शुरुआती पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है।
पुलिस का बयान:
"मामला बेहद संवेदनशील है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या, प्रताड़ना और पहचान छिपाकर शादी करने जैसे आरोपों की भी जांच की जा रही है। वहीं आरोपी पक्ष के बीमारी से मौत के दावे की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मामले की सच्चाई पोस्टमॉर्टम, विसरा रिपोर्ट, अस्पताल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।"


