चिकित्सा शिक्षा और मरीज प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए RUHS में 'क्लिनिको-पैथोलॉजिकल कॉन्फ्रेंस' की शुरुआत
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) कॉलेज ने चिकित्सा अनुसंधान और मल्टीडिसिप्लिनरी पेशेंट मैनेजमेंट (बहुविषयक मरीज प्रबंधन) को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। कॉलेज द्वारा मासिक क्लिनिको-पैथोलॉजिकल कॉन्फ्रेंस (CPC) श्रृंखला का शुभारंभ किया गया है। पहली CPC का सफल आयोजन जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट की ओर से RUHS कॉलेज के एकेडमिक ब्लॉक स्थित लेक्चर थिएटर में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता RUHS के प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने की। इस अवसर पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज की अतिरिक्त प्रिंसिपल डॉ. मोनिका जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि RUHS के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. सुधांशु कक्कड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
जटिल केस के जरिए अनियंत्रित मधुमेह के खतरों पर चर्चा
प्रथम सीपीसी का नेतृत्व जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. मोहम्मद अब्बास अली और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीक्षा मेहता ने किया। इस दौरान विशेषज्ञों के समक्ष ‘साइनोसाइटिस से मैक्सिलो-ऑर्बिटल एक्सेंटरेशन तक– मधुमेह और उपचार में विलंब की एक घातक कीमत’ विषय पर एक बेहद जटिल व शिक्षाप्रद केस प्रस्तुत किया गया।
इस केस स्टडी के माध्यम से अनकंट्रोल्ड डायबिटीज (अनियंत्रित मधुमेह), बीमारी के देर से निदान (डायग्नोसिस) और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण होने वाले गंभीर व घातक परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस कॉन्फ्रेंस की खास बात यह रही कि इसमें जनरल सर्जरी, ईएनटी, नेत्र रोग, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, जनरल फिजीशियन, एनेस्थीसियोलॉजी, प्रोस्थोडॉन्टिक्स और माइक्रोबायोलॉजी सहित कुल दस अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से केस पर मंथन किया।
चिकित्सा जगत के दिग्गजों ने बयां की अहमियत
- डॉ. मोहनीश ग्रोवर (प्रिंसिपल, RUHS): "आधुनिक चिकित्सा में मल्टीडिसिप्लिनरी मैनेजमेंट अत्यंत आवश्यक हो गया है। CPC जैसे मंच चिकित्सकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को एक साथ सीखने और जटिल रोगियों के प्रबंधन के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर देते हैं। यह सम्मेलन अब प्रत्येक माह के तीसरे गुरुवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।"
- डॉ. मोनिका जैन (अतिरिक्त प्रिंसिपल, SMS): "यह कॉन्फ्रेंस मेडिकल एजुकेशन में क्लिनिकल रीजनिंग और बहुविषयक दृष्टिकोण विकसित करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम साबित होगी।"
- डॉ. सुधांशु कक्कड़ (प्रो-वाइस चांसलर, RUHS): "ऐसे अकादमिक कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, रिसर्च को प्रोत्साहित करने और रोगी देखभाल को अधिक वैज्ञानिक व समन्वित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
भविष्य में बनेगी संस्थान की अकादमिक पहचान
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. वसीम नाहिद बैग ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सीपीसी श्रृंखला विभिन्न विभागों के बीच संवाद, आपसी सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी। आने वाले समय में यह श्रृंखला RUHS CMS की एक महत्वपूर्ण अकादमिक पहचान बनेगी।


