राम तेरी गंगा मैली हो गई, इल्म्स संस्था ने नए पुराने नग्मों से 106 वीं संगीतमय प्रस्तुतियों से समाँ बांधा
खैरथल (हीरालाल भूरानी) शहर में थीम आधारित सांस्कृतिक सामाजिक स्वास्थ्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवा कार्यों और उद्देश्यों की अब इण्डिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी की आम जन में खुलकर चर्चा और प्रशंसा भी हो रही है। आज का 106 वाँ संगीतमय कार्यक्रम में शहर का बेहतरीन गायक बैसाखियों के सहारे आया और न मुँह छिपा के जियो गाते ही सबने उनके हौंसले को खड़े होकर तालियों से अभिवादन किया ।
डॉ लाल थदानी रिटायर्ड डिप्टी सीएमएचओ और डॉ दीपा थदानी संस्थापक म्यूजिक थेरेपिस्ट के नेतृत्व में नए पुराने गायकों ने अजमेर क्लब में थीम म्यूजिक इज मेडिटेशन एंड थेरेपी पर राजकपूर नूतन सुमन कल्याणपुर सुनील दत्त और मणिरत्नम के गीतों से एकल और युगल गीतों से स्वरांजली दी । इनमें विभिन्न महकमों के अधिकारी, नर्सिंग कर्मी, चिकित्सक बंधु और पत्रकार शामिल रहे । लिवर किडनी ब्रेस्ट कैंसर पीड़ित गायक की थे डायबिटीज की वजह से विकलांग हुआ शहर का प्रतिष्ठित गायक भी शामिल हुआ।
युगल गीतों में डॉ दीपा थदानी जेक्लीन (डीजे जोड़ी) ये रात भीगी 2 और ये रातें ये मौसम की जुगल बंदी की सभी ने सराहना की, युधिष्ठिर चौहान और पूजा जैसवाल तेरे प्यार का मुझपे और मेरा प्यार भी तू है ने तालियां बटोरी ।
नवांगतुक पूनम मिश्रा ने जब मोहन मिश्रा के साथ आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे गाया तो जन समूह भी खुद को नृत्य करने से रोक नहीं सका । उनका शरद शर्मा जी के साथ छोड़ दो आँचल में अंदाज भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे गया ।
लीवर खराब और बुखार होने के बावजूद डॉ लाल थदानी के एकल गीत राम करे ऐसा हो जाए और दिव्या गोपलानी के साथ डुएट तेरे संग प्यार मैं नहीं तोड़ना ने संगीत साधना है का जीवंत उदाहरण पेश किया । होम मेकर मीना कंजानी के साथ एनके भार्गव के साथ नींद न मुझको और मोहन मिश्रा हम तुम युग से ने भी सबको प्रभावित किया । और दिल की नजर से,
एकल गानों में डिप्टी एसपी विजिलेंस पद से रिटायर्ड लोकेश त्रिपाठी फ़लक में जितने भी के अंतिम पैरा में ऊंचे सुर देकर जाता दिया कि वे भी किसी से कम नहीं । नए गायक मनोहर गोकलानी के ए अजनबी तू भी कभी ने भी भविष्य के अच्छे संकेत दिए । रेलवे यूनियन के सचिव पद से रिटायर्ड अरुण गुप्ता ने तेरी आँखों के सिवा, अंकेक्षक पद से रिटायर्ड ओपी चास्टा मुबारक हो सबको समाँ ये और श्याम कुमार पारीक ने मेरे मन की गंगा कुमकुम जैन तेरा मेरा साथ रहे , कालू राम गुनरात कहना है कहना है रवींद्र माथुर मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिए , डॉ जयसिंह आपके पहलू में आकर , निखिल माथुर : दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में के अलावा राकेश परिहार, दिनेश कुमार ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी ।
मशहूर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ दिनेश बेदी के संस्था में अंतिम गीत पूछो न मोहब्बत का असर हाय न पूछो के साथ उन्हें समूह गान के साथ सभी सदस्यों ने नम आँखों से श्रद्धांजली दी। नर्सिंग कर्मी मुकेश कोली के राम तेरी गंगा मैली हो गई और होम मेकर दीपा पारवानी के इक दिन बिक जाएगा में सभी सदस्यों ने समूह में प्रस्तुति देकर पलों को जीवंत कर दिया । व्यवस्था रेलवे ऑफिसर डालचंद सिवासीया और साउंड दिनेश शर्मा, संचालन नर्सिग कर्मी कालूराम ने किया ।


