विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना, युवाओं के सपनों को नई उड़ान के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहल
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने एवं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने, व्यवसाय का विस्तार करने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र महाप्रबन्धक चन्द्रमोहन गुप्ता ने बताया कि विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला उद्यमी बनाना है। इसके तहत सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े नए उद्यमों की स्थापना के साथ-साथ स्थापित इकाइयों के विस्तार, विविधीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ व्यक्तिगत आवेदकों के साथ-साथ एचयूएफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एलएलपी फर्म एवं कंपनी जैसे संस्थागत आवेदक भी प्राप्त कर सकते हैं। योजना के लिए आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होना आवश्यक है।
महाप्रबन्धक ने बताया कि वित्तीय संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण का उपयोग भूमि क्रय, भवन निर्माण, प्लांट एवं मशीनरी, वर्कशेड, फर्नीचर, उपकरण तथा कार्यशील पूंजी जैसी आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है।
यह मिलता है लाभ-
उन्होंने योजना के अंतर्गत 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त लाभार्थी को ऋण राशि का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान भी देय है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग, दिव्यांगजन, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उद्यमों, बुनकर कार्डधारी बुनकरों तथा हस्तशिल्पी, दस्तकार एवं शिल्पकार कार्डधारकों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान करते हुए 1 करोड़ रुपये से अधिक एवं 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा।
कैसे करे आवेदन-
उन्होंने बताया कि योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है। इच्छुक आवेदक स्वयं अथवा निकटतम ई-मित्र केन्द्र के माध्यम से अपनी एसएसओ आईडी द्वारा ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना युवाओं के उद्यमिता सपनों को साकार करने और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।


