प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को समझना समय की आवश्यकता-रामेश्वर महावर
20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर प्रो. पीसी महालनोबिस को भावभीनी श्रद्धांजलि
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भारत में आधुनिक सांख्यिकी के जनक प्रोफेसर पीसी महालनोबिस की जयंती के अवसर पर सोमवार को 20वां राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा उत्साहपूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य आयोजना अधिकारी अरविन्द सिंह सामौर, सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक रामप्रकाश, सहायक निदेशक कल्याण सहाय मीना, एमएसजे कॉलेज के सहआचार्य डॉ. अनिल कुमार नागर एवं संयुक्त निदेशक रामेश्वर महावर द्वारा प्रो. पी.सी. महालनोबिस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम Unlocking the Potential of Administrative Data रही, जिस पर विभिन्न वक्ताओं ने प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग एवं नीति निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संयुक्त निदेशक महावर ने कहा कि प्रशासनिक आंकड़े सुशासन, प्रभावी नीति निर्माण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय एवं अद्यतन सांख्यिकीय आंकड़े विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी रूपवास किरोड़ी लाल मीना ने प्रो. पी.सी. महालनोबिस के सांख्यिकी विज्ञान के क्षेत्र में अमूल्य योगदान पर विस्तार से जानकारी दी। सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक रामप्रकाश ने सतत् विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्रगति में सांख्यिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला। सहायक निदेशक चेतराम जोनवाल ने जनगणना के आंकड़ों के राष्ट्रीय विकास एवं योजनाओं के निर्माण में महत्व को रेखांकित किया।
सहायक सांख्यिकी अधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा ने चिकित्सा क्षेत्र में सांख्यिकी के उपयोग तथा पीसीटीएस सॉफ्टवेयर की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, पंच गौरव कार्यक्रम, फसल कटाई प्रयोग, संस्था आधार तथा जनआधार से संबंधित प्रस्तुतियां (पीपीटी) भी प्रदर्शित की गईं।
ये रहे विजेता-
समारोह के अंत में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में अमनदीप (संगणक) ने प्रथम, विपुल जैन (सांख्यिकी निरीक्षक) ने द्वितीय तथा संजय मीणा (संगणक) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित कर उनकी उपलब्धि की सराहना की गई। इस दौरान कार्यक्रम में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों में कार्यरत सांख्यिकी संवर्ग के अधिकारी उपस्थित रहे।


