गर्भवती महिलाओं के राशन किट में धांधली, शिविर से डॉक्टर भी नदारद; ग्रामीणों के हंगामे के बाद गोविंदगढ़ एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
अलवर जिले के गोविंदगढ़ तहसील क्षेत्र की भैंसडावत ग्राम पंचायत में आज प्रशासन की ओर से 'ग्रामीण सेवा शिविर' का भव्य आयोजन किया गया। ग्रामीणों की समस्याओं को उनके द्वार पर ही सुलझाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में 22 विभागों के आला अधिकारियों और कर्मचारियों का अमला मुस्तैद नजर आया। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी कई लंबित समस्याओं को लेकर तीखे तेवर दिखाए, जिस पर मौके पर मौजूद अधिकारियों ने त्वरित एक्शन लिया।
- राशन किट वितरण में धांधली: तुरंत जांच के आदेश
शिविर में उस समय माहौल गरमा गया जब ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कौशल्या विश्नोई को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक लिखित शिकायत सौंपी। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण राशन किट के वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही है और पात्र महिलाओं को उनका हक नहीं मिल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम कौशल्या विश्नोई ने मौके पर ही विभाग को तत्काल जांच के आदेश थमाए और निर्देश दिए कि जल्द से जल्द सभी वास्तविक लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाए।
- बंद पीएचसी पर एक्शन: सीएचओ को मौके पर संभाली कमान
शिविर में ग्रामीणों ने भैंसडावत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की बदहाली का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। ग्रामीणों ने शिकायत की कि पीएचसी में डॉक्टर नहीं बैठते हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर ही मौजूद सीएचओ (CHO) नरेंद्र चौधरी को तुरंत पीएचसी में सेवाएं शुरू करने और नियमित रूप से वहां बैठने के पाबंद निर्देश जारी किए।
भले ही बुनियादी सहूलियतों को लेकर शिविर में हंगामा बरपा हो। लेकिन प्रशासनिक टेबल पर कार्रवाई की रफ्तार तेज दिखी। शिविर में राजस्व शुद्धिकरण के 20, नामांतरण के 18 और जाति प्रमाण पत्र के 12 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं, लंबे समय से अटके 5 आवासीय पट्टे, 4 व्यक्तिगत शौचालय और 2 जमीन बटवारे के मामलों को भी क्लियर किया गया।
22 विभागों का रहा जमावड़ा
इस महाशिविर में ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े लगभग सभी प्रमुख महकमों के अधिकारी जनता की समस्याएं सुनने पहुंचे थे। शिविर में मुख्य रूप से:
- प्रशासनिक अधिकारी: उपखण्ड अधिकारी कौशल्या विश्नोई, तहसीलदार राजेन्द्र यादव, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विश्वजीत सिंह, सहायक विकास अधिकारी महेंद्र मीणा।
- प्रमुख विभाग: राजस्व विभाग, कृषि विभाग, विद्युत विभाग, जलदाय विभाग, वन विभाग, चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आयुर्वेद विभाग, राजीविका सहायता समूह, रसद विभाग, सहकारिता विभाग और राजस्थान पथ परिवहन विभाग (RSRTC)।
शिविर में एक ही छत के नीचे विभागों के मौजूद होने से ग्रामीणों के कई पट्टे, पेंशन, बिजली और पानी से जुड़े मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि शेष बची शिकायतों का भी तय समय सीमा के भीतर समाधान कर दिया जाएगा।


