लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग, जान बचाने को खिड़कियों से कूदे छात्र; रेस्क्यू जारी, मौके पर डिप्टी सीएम; योगी अलीगढ़ से लौटे
लखनऊ (शशि जायसवाल) राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के बाद धुएं से घिरे छात्रों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई छात्रों ने जान बचाने के लिए बिल्डिंग की खिड़कियों से छलांग लगा दी। हादसे में कई छात्र घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार उषा मेहता मार्ग स्थित सेक्टर-डी की एक तीन मंजिला इमारत के दूसरे तल पर संचालित "लर्निंग स्पेस लाइब्रेरी/कोचिंग सेंटर" में सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरे फ्लोर में धुआं फैल गया, जिससे वहां मौजूद छात्रों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धुएं और आग से बचने के लिए कई छात्रों ने पहली और दूसरी मंजिल की खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं कुछ छात्र बाथरूम में बंद होकर मदद का इंतजार करते रहे। खिड़कियों से कूदने के कारण कई छात्र घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के साथ मौके पर पहुंचीं। SDRF और NDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। फायरकर्मियों ने इमारत की पीछे की दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार 10 से 12 लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई थी।
घायलों को सिविल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और गृह सचिव संजय प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नही सोशल मीडिया पर मृतकों की संख्या को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।


