राजगढ में नालियों में बह रहा हजारों लीटर शुद्ध पानी,शिकायतों के बावजूद कुंभकर्णी नींद में महकमा
राजगढ़ (अलवर)अनिल गुप्ता।
राजगढ़ कस्बे में जलदाय विभाग की गंभीर लापरवाही के चलते एक ओर रोजाना हजारों लीटर अमूल्य पेयजल नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी ओर लीकेज के चलते नलों में प्रदूषित पानी पहुंचने से संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे या महामारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं।
कस्बे के विभिन्न वार्डों में जलदाय विभाग की पेयजल वितरण और राइजिंग लाइनों में दर्जनों स्थानों पर लीकेज बने हुए हैं। इन खुले लीकेज के कारण मुख्य लाइनों में नालियों का जहरीला और दूषित पानी मिश्रित होकर घरों तक पहुंच रहा है। दूषित जल आपूर्ति के कारण क्षेत्र में डायरिया, उल्टी, दस्त और तेज बुखार जैसे रोगों का प्रकोप बढ़ने लगा है।
सैकड़ों बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य
वार्ड नंबर 40 के निवासी मनीष कुमार गोयल ने बताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पेयजल लाइनों में बने लीकेज की समस्या से सैकड़ों बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद महकमे की ओर से मरम्मत का कोई कार्य शुरू नहीं किया गया।
प्रशासनिक उपेक्षा के कारण जहां एक तरफ रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, वहीं दूसरी तरफ दूषित पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है। स्थानीय लोगों ने जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर जर्जर लाइनों की मरम्मत कराने और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

