निकाय चुनाव में अभी सिंबल का खेल बाकी चुनाव चिन्ह पर टिका दावेदारों का भाग्य
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) कस्बे में नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी दिनों -दिन लगातार बढ़ती जा रही है। 25वार्डो में लंबी कतार है,लेकिन असली मुकाबला अब टिकट से आगे बढ़कर चुनाव चिन्ह और अंतिम प्रत्याशियों के चयन पर आकर टिक गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद ही लक्ष्मणगढ़ की राजनीति निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
25 वार्डों में चुनावी हल-चल जोरो पर है। भाजपा कांग्रेस एवं निर्दलीय खेमो में लगातार वार्डों का दौरा जारी है। एवं बैठकों का दौडर जारी है। प्रथम बार कस्बे में हो रहे नगर पालिका चुनाव में कई ऐसे उम्मीदवार मैदान में सक्रिय हैं, जो अंतिम समय तक अपनी राजनीतिक चाल छुपा कर रखे हुए हैं। टिकट मिलने वालों के समर्थक जश्न की तैयारी में है। जबकि टिकट से वंचित रहने वाले नेताओं के अगले कदम पर मतदाताओं की निगाहें टिकी हुई है।
चुनावी गलियारों में बड़े सवाल --
- किस वार्ड में होगा सबसे बड़ा राजनीतिक उलट- फेर,
- कौन निर्दलीय मैदान में उतर कर राजनीतिक समीकरण बिगाड़ेगा
- किसे मिलेगा पार्टी का अधिकृत समर्थन,
- युवा एवं नए चेहरे अनुभवी नेताओं को कितनी चुनौती देंगे,
- पार्टी टिकट के नाराज दावेदार क्या बगावत का रास्ता अपनाएंगे,
राजनीतिक लोगों का मानना है कि इस बार कस्बे में कई वार्डों में मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का हो सकता है। नगर पालिका में अनारक्षित महिला अध्यक्ष की सीट होने से एक और पुराने अनुभवी नेता अपनी उपलब्धियां के दम पर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। वहीं नये चेहरे बदलाव के नाम पर समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।
असली खेल अभी बाकी...
नामांकन सिंबल आवंटन और अंतिम प्रत्याशियों की सूची के बाद ही साफ होगा की किसका पलड़ा भारी है। और कौन चुनावी मैदान में सबसे बड़ा राजनीतिक खिलाड़ी है। फिलहाल कस्बे को उस समय का इंतजार है, जब सभी चुनावी मोहरे खुलकर मैदान में उतरेंगे, और कस्बे की राजनीति का नया अध्याय कस्बे में हो रहे नगर पालिका के प्रथम बार चुनाव का लिखा जाएगा।

