डीग पुलिस का 'ऑपरेशन काउण्टडाउन': दिल्ली में फर्जी बैंक कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 64 आरोपी गिरफ्तार, 88 मोबाइल जब्त
डीग (नीरज जैन)। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन काउण्टडाउन’ के तहत डीग पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली के उत्तम नगर स्थित एक तीन मंजिला इमारत में चल रहे फर्जी बैंक कॉल सेंटर पर छापा मारकर 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। मौके से 88 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
बैंक अधिकारी बन चुराते थे गोपनीय बैंकिंग डेटा पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य खुद को Axis Bank और HDFC Bank के अधिकारी बताकर आम लोगों को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने और नवीनीकरण का झांसा देते थे। बातों में फंसाकर वे ग्राहकों से OTP, CVV, PAN, जन्मतिथि और KYC जानकारी हासिल कर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी अंजाम देते थे। गिरोह बैंकों के नाम, लोगो और फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगता था।
जॉब पोर्टल के जरिए युवाओं की भर्ती और ट्रेनिंग जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी WorkIndia जैसे जॉब पोर्टल से बेरोजगार युवाओं के रिज्यूमे हासिल कर नौकरी का झांसा देते थे। चयनित युवाओं को ठगी की विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी और 11 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ-साथ अधिक ठगी करने पर कमीशन दिया जाता था। इस नेटवर्क में नाबालिकों से भी काम कराया जा रहा था।
करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन और फर्जी आईडी बरामद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कामां) दिनेश यादव के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को विभिन्न बैंकों के फर्जी आईडी कार्ड और ग्राहकों का संवेदनशील डेटा मिला है। जांच में अब तक करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।
साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज मामले में कुल 85 लोगों से पूछताछ के बाद 64 को गिरफ्तार किया गया, 2 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया और 19 युवक-युवतियों को सत्यापन के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया। साइबर क्राइम थाना डीग में BNS और IT एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अग्रिम अनुसंधान डीएसपी वीरेंद्र पाल द्वारा किया जा रहा है।

