लेक सिटी को छोड़ गुलाबी नगरी पहुंचा कांग्रेस का कुनबा, अब इम्तिहान की घड़ी

उदयपुर।(मुकेश मेनारिया) जयपुर में शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान है। इससे पहले उदयपुर में पिछले दिनों से बाड़ाबंदी विधायकों ने गुरुवार दोपहर में लेकसिटी छोड़ दी है। कांग्रेस का कुनबा एक साथ कोड़ियात स्थित रिसोर्ट से जयपुर के लिए रवाना हुआ। रिसोर्ट से डबोक के महाराणा प्रताप हवाई अडडे तक विधायकों को सीधे बसों से ले गए। वहां से विमान के जरिए जयपुर रवाना हुए। एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई और मीडिया को भी अंदर तक प्रवेश नहीं दिया गया। सभी विधायक गुलाबीनगरी जयपुर पहुंच गए है।
जाते समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाव भाव खुश थे। साफ लग रहा था कि कांग्रेस नंबर गेम पूरा कर चुकी है। वैसे भी गहलोत शुरू से भाजपा को निशाने पर ले रहे थे। कांग्रेस कुनबा एक साथ जयपुर रवाना हुआ और वहां उनको कल मतदान होने तक फिर बाड़ाबंदी में रहना होगा। दूसरी तरफ भाजपा ने भी पूरी ताकत लगा रखी है और अपने विधायकों को जयपुर में बाड़ाबंद कर रखा है।
प्रदेश में 4 सीटों पर हो रहे राज्यसभा चुनाव में सेंधमारी और खरीद फरोख्त का आशंका के चलते कांग्रेस और समर्थक विधायकों की उदयपुर में की गई बाड़ेबंदी में करीब 1 सप्ताह से भी ज्यादा समय गुजारने के बाद आज कांग्रेस और समर्थित समर्थन विधायकों को लंच के बाद उदयपुर से रवाना हुए। साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राज्यसभा के तीनों प्रत्याशी मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी भी चार्टर प्लेन से उदयपुर से रवाना हुए।
इधर, एक दिन पहले उदयपुर में शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने कहा कि ये बाड़ाबंदी नहीं, बल्कि पॉलिटिकल ट्रेनिंग है। हमारे यहां प्रतिदिन विषय विशेषज्ञ अपनी बात समझाते हैं। चुनावी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दे रहे हैं। सभी मिलकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। भाजपा द्वारा जीत के दावे पर उन्होंने कहा कि वह तीनों सीटें बहुमत के साथ जीतेंगे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सुभाष चन्द्रा के जीत के दावे को खोखला बताते हुए कहा कि तीनों सीटें कांग्रेस की हैं, उन्हें 126 विधायकों का समर्थन प्राप्त हैं।






