श्री सीताराम जी महाराज ने किया नगर भ्रमण :श्रृद्धालुओं ने किए श्री सीताराम जी महाराज के दर्शन
वैर ,भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) लघुकाशी के नाम से विख्यात एवं श्री श्री 1008 श्री बाबा मनोहर दास जी महाराज की तपोस्थली कस्वा वैर मैं राजा प्रताप सिंह के राजशाही जमाने से ही भगवान् श्रीराम का रथयात्रा मेला भरता चला आ रहा है।इस बार कस्बा में 27 जून शुक्रवार को भगवान् श्रीराम की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा प्रारंभ होने से पूर्व काष्ठ के रथ को टैक्टर ट्राली में रखकर भगवान श्री राम, लक्ष्मण एवं सीता जी को काष्ठ के रथ में वैदिक मंत्रोच्चारणों के साथ विराजमान कर आरती उतारी गई। एवं रैकरा चला कर व गोला फोड़कर एवं सीता राम जी के जयघोषों के साथ रथयात्रा को सीताराम जी मन्दिर प्रांगण से रवाना किया गया। रथयात्रा कस्बा के विभिन्न मार्गों गोपाल जी मन्दिर,पुराना बाजार, चांदनी चौक, लाल चौक, जैन मंदिर, बयाना दरवाजा,विचपुरी पट्टी,नया बस स्टैंड, भुसावर दरवाजा, होती हुई सांयकाल पुनः सीताराम जी महाराज मन्दिर प्रांगण पहुंची। सीता राम जी के रथ को टैक्टर ट्राली में बंधे दो बड़े रस्सों के सहारे भक्त जन जयघोषों के साथ खींच रहे थे। कस्बा वासियों ने सीताराम जी महाराज की जगह -जगह आरती उतार कर प्रसाद चढ़ाया। श्री सीताराम जी के रथ के नीचे से नवजात शिशुओं को उनकी माताओं द्वारा निकाल कर उनकी दीर्घायु की कामना की गई।रथयात्रा में बैंड बाजों पर बजने वाले धार्मिक भजनों पर लोग नाचते गाते चल रहे थे। कस्बा में जगह जगह डीजो पर भी धार्मिक भजन बज रहे थे। भीषण गर्मी में भी लोगों ने रथयात्रा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। कस्बावासियों ने जगह-जगह जलपान की भी व्यवस्था कर लोगों को जलपान कराया।
भरतपुर जिला मुख्यालय से 47 किलोमीटर दूर बसे ऐतिहासिक कस्बा वैर में पारम्परिक रूप से आयोजित इस ऐतिहासिक रथयात्रा मेले में लंबे समय से चली आ रही परम्पराओं के भी दर्शन होते हैं। मेले में समाज की विभिन्न जाति, धर्म, संप्रदाय, की ऊंच-नीच की सीमा लांघकर परस्पर एकता और आत्मीयता की भावना भी पुष्ट होती है। यह मेला लोगों के मनोरंजन मन बहलाव और उनके आर्थिक विकास के साधनों के साथ-साथ धार्मिक भावना का भी स्मरण कराता है। रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को सीताराम जी मंदिर से बैंड बाजे के साथ भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ निकाली जाती है।
रथयात्रा का कस्बा में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर, आरती उतार कर, प्रसाद चढाकर भक्तजनों द्वारा भव्य स्वागत किया । भगवान श्री सीताराम जी के इस रथ पर कस्वावासियों द्वारा चढ़ावा चढ़ा कर अपनी श्रद्धा का इजहार किया । रथयात्रा को देखने के लिए आसपास के गांव के लोग भी काफी संख्या में पहुंचते हैं। कस्बा का वातावरण बैन्ड बाजों एवं डीजों पर बजने वाले भजनों से भक्तिमय हो गया।

