थार में बैठा सॉफ्टवेयर इंजीनियर खाली कर रहा था खाते': डीग पुलिस का 'ऑपरेशन काउंटडाउन', फर्जी QR कोड से होटल बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले 3 गिरफ्तार
डीग (नीरज जैन): डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर अपराधियों ने अब लोगों की छुट्टियों और सफर की प्लानिंग को ही ठगी का जरिया बना लिया है। होटल बुकिंग के नाम पर देश भर के लोगों को चूना लगाने वाले एक हाईटेक साइबर गिरोह का डीग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। एसपी शरण गोपीनाथ के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत पुलिस, साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त टीम ने बस स्टैंड डीग के पास से काले रंग की चमचमाती थार गाड़ी में बैठे तीन शातिर ठगों को धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दौलतपुर (मथुरा) निवासी वसीम व अकरम और जोतरी पीपल (डीग) निवासी तारीफ के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से 5 लग्जरी मोबाइल, 1 लैपटॉप और ठगी के पैसों से खरीदी गई थार (UP 85 CR 2808) जब्त की है। कार्रवाई के दौरान गाड़ी में मौजूद दो आरोपी—चालक और उसका साथी मानवेन्द्र उर्फ कलुवा—अंधेरे का फायदा उठाकर पास के जंगलों में फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इंजीनियरिंग का दिमाग, ठगी का धंधा जांच में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। गिरोह का मास्टरमाइंड तारीफ पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह नामी और नामचीन होटलों की हूबहू दिखने वाली फर्जी वेबसाइट (क्लोन वेबसाइट) तैयार करता था। इन वेबसाइटों पर संपर्क के लिए गिरोह के फर्जी सिम नंबर दिए जाते थे। जैसे ही कोई मुसाफिर होटल कमरे की बुकिंग के लिए संपर्क करता, आरोपी उन्हें मीठी बातों में फंसाकर WhatsApp पर फर्जी QR कोड भेजते थे। जैसे ही पीड़ित QR कोड स्कैन कर पेमेंट करता, उनके खातों से गाढ़ी कमाई साफ हो जाती थी और ठग तुरंत अपने फोन बंद कर लेते थे।
ठगी की रकम से खरीदी थार कोतवाली थाना प्रभारी हीरालाल मीणा ने बताया कि आरोपियों के पास से कई फर्जी ई-मेल, टेलीग्राम आईडी और बेनामी बैंक खातों के सबूत मिले हैं। पूछताछ में सामने आया कि जब्त की गई काली थार गाड़ी फरार आरोपी मानवेन्द्र की है, जिसे विशुद्ध रूप से साइबर ठगी की काली कमाई से खरीदा गया था। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इनके बैंक खातों की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

