आजमगढ़ में पूजा के दौरान खूनी तांडव: सनकी शख्स ने पत्नी, बेटे और 2 पुजारियों को भूना, 7 घंटे के ड्रामा के बाद एनकाउंटर में ढेर
आजमगढ़ के शंभूपुर गहजी में महामृत्युंजय जाप के दौरान खूनी वारदात; लाइसेंसी रिवॉल्वर से 4 लोगों की हत्या के बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी अरविंद सिंह ढेर
आजमगढ़ (शशि जायसवाल)
आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम पूजा-पाठ के दौरान हुए एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सनकी मनोवृत्ति के आरोपी अरविंद सिंह (42) ने अपनी पत्नी, मासूम बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद 3 मासूम बच्चों को बंधक बनाकर छिपे आरोपी को पुलिस ने 7 घंटे चले लंबे ऑपरेशन के बाद मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना में कुल 5 लोगों की जान चली गई।
सुपरप्राकृतिक भय और पूजा-पाठ से शुरू हुआ विवाद
स्थानीय सूत्रों और परिजनों के अनुसार, अरविंद सिंह के परिवार को लगता था कि उसके दिवंगत भाई सुनील (जो मुंबई में बालासाहेब ठाकरे के गनर थे और 8 साल पहले उनकी हत्या हो गई थी) की आत्मा परिवार को परेशान कर रही है। आत्मा की शांति के लिए अरविंद की मां कमला देवी (70) और पत्नी बबिता (40) ने घर में महामृत्युंजय जाप का आयोजन किया था। अरविंद इस पूजा का लगातार विरोध कर रहा था।
मंगलवार शाम करीब 6 बजे जब अरविंद बाजार से लौटा, तो घर में पुजारियों को देखकर आपा खो बैठा। उसने पुजारियों से पहचान पत्र मांगना शुरू कर दिया और पत्नी से बहस करने लगा। गुस्से में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर उसने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से पत्नी बबिता सिंह (40), पुजारी महेंद्र पाठक (60) और पुजारी अखिलेश मिश्रा (55) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
3 मासूमों को बनाया बंधक, 7 घंटे चला पुलिस ऑपरेशन
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन मासूम बच्चों—9 वर्षीय शौर्य, 5 वर्षीय परी और 7 महीने की दूधमुंही बेटी—के साथ खुद को घर में बंद कर लिया। सूचना मिलते ही 10 थानों की पुलिस, एटीएस (ATS) और एसओजी (SOG) के करीब 45 जवान मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया।
पुलिस करीब 7 घंटे तक लाउडस्पीकर से उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाती रही। रात करीब 1 बजे घर के अंदर से अचानक गोली की आवाज आई, जहां अरविंद ने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी।
स्मोक ग्रेनेड से एंट्री, जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर
मासूम पर गोली चलते ही पुलिस ने बिना देरी किए स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले छोड़कर घर के भीतर प्रवेश किया। खुद को घिरा देख अरविंद ने पुलिस टीम पर 6 राउंड फायर किए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में लगी गोलियों से आरोपी अरविंद मौके पर ही ढेर हो गया।
गांव में पसरा सन्नाटा, भारी पुलिस बल तैनात
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद चारों मृतकों के शव गांव पहुंचे, जहां मातम के बीच अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। घटना के बाद से गांव में गहरा सन्नाटा और तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। परिवार में अब केवल दो मासूम बेटियां और उनकी बुजुर्ग दादी बची हैं।

