गोविंदगढ़:-12 पार्षदों के दम पर बाजी मार गई बीजेपी, ऐतिहासिक बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष बनेंगी मधु गुप्ता
गोविंदगढ़ (अलवर) अमित खेड़ापति
नवगठित गोविंदगढ़-रामबास नगरपालिका के पहले ऐतिहासिक चुनाव में गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन एक अजीबोगरीब वाकया देखने को मिला। उपखण्ड कार्यालय में दोपहर 3 बजे कांग्रेस का चुनाव चिह्न (सिंबल) तो पहुंच गया, लेकिन पर्चा भरने के लिए प्रत्याशी और प्रस्तावक दोनों ही मौके से नदारद रहे। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद एकमात्र पर्चा दाखिल होने से भाजपा की मधु गुप्ता का नगरपालिका की पहली निर्वाचित अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है।
3 बजे तक चला राजनीतिक ड्रामा
सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद के लिए उपखण्ड कार्यालय गोविंदगढ़ में सुबह से ही गहमागहमी बनी हुई थी। भाजपा प्रत्याशी और वार्ड 15 से निर्वाचित पार्षद मधु गुप्ता ने सुबह 11:30 बजे अपना नामांकन दाखिल किया, जिसमें वार्ड 4 से विजयी प्रत्याशी देवी सिंह उनके प्रस्तावक बने। दूसरी ओर, कांग्रेस खेमे में अंतिम समय तक उहापोह की स्थिति रही। दोपहर 3 बजे के आसपास कांग्रेस का सिंबल तो जमा करा दिया गया, मगर उम्मीदवार के मौके पर न होने के कारण नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। यह घटना दिनभर क्षेत्र में राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
सीटों का समीकरण और बहुमत का आंकड़ा
25 वार्डों वाली गोविंदगढ़-रामबास नगरपालिका में अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने के लिए 13 पार्षदों के बहुमत की आवश्यकता है। हाल में घोषित नतीजों में दलीय स्थिति इस प्रकार रही:
- भाजपा: 12 सीटें
- निर्दलीय: 11 सीटें
- कांग्रेस: 02 सीटें
आगे की प्रक्रिया और उपाध्यक्ष चुनाव
निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 17 सितम्बर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा (जांच) की जाएगी। इसके बाद 18 सितम्बर (शुक्रवार) अपराह्न 3:00 बजे तक नाम वापसी की अंतिम तिथि तय है। नाम वापसी का समय बीतते ही भाजपा प्रत्याशी मधु गुप्ता के निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद 22 सितम्बर को नगरपालिका उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव आयोजित होगा।

