मुंडपुरी खुर्द में दर्दनाक हादसा: घर के कुंडे में डूबने से 3 साल की मासूम की मौत, परिवार में मचा कोहराम
जलझूलनी एकादशी पर मंदिर गए थे परिजन, घर लौटने पर कुंडे में अचेत मिली बालिका; अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
गोविंदगढ़ (अलवर)। उपखंड क्षेत्र के मुंडपुरी खुर्द गांव में जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व पर एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। घर के आंगन में बने पानी के गहरे कुंडे (हौज) में पैर फिसलकर गिरने से 3 वर्षीय मासूम बालिका की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद खुशियों वाले त्योहार के माहौल में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में गहरा शोक छा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंडपुरी खुर्द निवासी दीपक सैनी की 3 वर्षीय पुत्री तारुल हादसे की शिकार हुई है। रिश्तेदार सुनेश सैनी ने बताया कि जलझूलनी ग्यारस के अवसर पर परिवार के सदस्य शाम करीब 6:30 बजे गांव के राधा-कृष्ण मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए गए थे।
मंदिर जाने से पूर्व परिजनों ने तारुल को खाने के लिए हलवा दिया था। उस वक्त उसकी दादी रसोई में भोजन तैयार कर रही थीं और बच्ची घर पर अपने दादाजी के पास खेल रही थी। इसी दौरान हलवा खाते-खाते मासूम अचानक दादाजी की नजरों से ओझल होकर आंगन की ओर चली गई, जिसका परिजनों को आभास तक नहीं हुआ।
- मंदिर से लौटने पर शुरू हुई तलाश:
शाम करीब 7 बजे जब परिवार के लोग मंदिर से दर्शन कर घर लौटे, तो तारुल वहां दिखाई नहीं दी। बच्ची के न मिलने पर परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने आनन-फानन में पड़ोस के घरों, गली-मोहल्ले और मंदिर परिसर में उसकी सघन तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा।
- पानी लेने गए तो कुंडे में तैरती दिखी मासूम:
करीब एक घंटे तक चली मशक्कत के बाद रात करीब 8 बजे परिवार का एक सदस्य जब घरेलू कार्य से पानी लेने कुंडे के पास पहुंचा, तो उसने बच्ची को कुंडे के अंदर पानी में गिरा देखा। परिजनों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और बेसुध हालत में गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद बालिका को मृत घोषित कर दिया।
लाडली की असमय मौत की खबर मिलते ही माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दुखद हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हर किसी की आंखें नम हो गईं।

