चरण छूकर मांगी क्षमा, गले मिल मिटाए मनमुटाव; डीग में श्रद्धापूर्वक मनाया गया क्षमावाणी पर्व
डीग (नीरज जैन) क्षमा को आत्मशुद्धि और आपसी रिश्तों में मधुरता का आधार मानते हुए सकल दिगंबर जैन समाज ने रविवार को 'क्षमावाणी दिवस' अत्यंत श्रद्धा और भावनात्मक वातावरण में मनाया। इस अवसर पर कामां गेट स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, पुरानी सब्जी मंडी स्थित श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर तथा पुरानी डीग स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दिनभर विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
- विशेष प्रक्षाल, पूजन व शांतिधारा
सुबह श्रद्धालुओं ने सामूहिक प्रक्षाल, पूजन और शांतिधारा में भाग लेकर आत्मकल्याण एवं विश्व शांति की कामना की। वहीं शाम के समय भगवान जिनेंद्र देव का भव्य कलशाभिषेक एवं सामूहिक आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
- भूलों के लिए मांगी क्षमा, लिया सद्भाव का संकल्प
धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात क्षमा याचना का भावपूर्ण क्रम शुरू हुआ। समाज के लोगों ने वरिष्ठों व अपनों के चरण स्पर्श कर तथा गले मिलकर वर्षभर में मन, वचन और काया से जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए विनम्रता से क्षमा मांगी। इस दौरान सभी ने आपसी मतभेद और मनमुटाव को भुलाकर प्रेम, मैत्री तथा सद्भाव के साथ रहने का संकल्प लिया।
- "क्षमा मन को निर्मल करने वाली भावना है"
जैन समाज के संरक्षक गोपाल प्रसाद जैन ने कहा कि क्षमा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मन को पवित्र और निर्मल करने वाली भावना है। उत्तम क्षमा व्यक्ति को अपना अहंकार व क्रोध छोड़कर दूसरों की गलतियों को उदारता से माफ करने की सीख देती है।
इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष वीरेंद्र जैन, राजेंद्र जैन, पदम जैन, विजय जैन, नरेश जैन, धर्मेंद्र जैन, संजय जैन, लक्ष्मण जैन, हरीश जैन, योगेश जैन, अशोक जैन, अनिल जैन, नीरज जैन, गौरव जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

