साइबर खतरों से निपटने भीलवाड़ा में जुटेगा बुद्धिजीवियों का मंथन: संगम यूनिवर्सिटी में 'डिजिटल अरेस्ट' और सुरक्षा पर राष्ट्रीय सेमिनार, RTU कुलपति रहेंगे मौजूद
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)।
संगम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र (ICSSR-NRC) के प्रायोजन में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इस राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय “सामाजिक सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: डिजिटल अरेस्ट एवं साइबर अपराध के खतरों की रोकथाम” रखा गया है।
RTU कुलपति प्रो. निर्मित रंजन चौधरी की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU), कोटा के कुलपति प्रो. निमित रंजन चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति सम्मेलन के अकादमिक विमर्श और संवाद को विशेष ऊंचाई प्रदान करेगी।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड पर मंथन
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में तेजी से पांव पसार रहे साइबर अपराधों, डिजिटल धोखाधड़ी तथा हाल ही में सामने आए ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे गंभीर साइबर खतरों से उत्पन्न सामाजिक चुनौतियों पर विस्तृत मंथन करना है। इसके माध्यम से:
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सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण हेतु कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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आमजन और विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया जाएगा।
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विभिन्न शोध-पत्र प्रस्तुतियों और विषयगत सत्रों के जरिए विशेषज्ञों द्वारा समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे।
"तकनीक के साथ सुरक्षा की समझ अनिवार्य" — प्रो. करुणेश सक्सेना
संगम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना ने सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "डिजिटल तकनीक ने जीवन को सुगम बनाने के साथ-साथ साइबर अपराधों की नई चुनौतियां भी खड़ी की हैं। ऐसे समय में ‘डिजिटल अरेस्ट’ एवं ऑनलाइन ठगी के प्रति समाज को जागरूक करना और सुरक्षा की समझ विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यह राष्ट्रीय सम्मेलन शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और शोधार्थियों को एक साझा मंच प्रदान कर सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।"
देशभर से जुटेंगे शोधार्थी व शिक्षाविद
दो दिवसीय आयोजन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिक्षाविद, शोधकर्ता, तकनीक विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी भाग लेंगे। विभिन्न तकनीकी सत्रों में बदलते डिजिटल परिवेश में नागरिकों की सुरक्षा और साइबर कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

