रैणी तहसीलदार को जनहित समस्याओ को लेकर ज्ञापन सौपा
रैणी (अलवर) महेश चन्द मीना
अलवर के रैणी-उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुख्यालय टहटड़ा मे राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणबीर सिंह सोलंकी ने कहा कि राजस्थान के गांवों की बदहाली और पिछड़ेपन का प्रमुख कारण प्रशासनिक उपेक्षा है। उन्होंने यह वक्तव्य ग्राम पाड़ली एवं इसके आस-पास के क्षेत्रों के दौरे के बाद जारी किया।
सोलंकी ने कहा कि ग्राम पाड़ली समेत पूरा रैणी क्षेत्र मे आज भी पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं से सभी लोग वंचित है। हमारे यहा पर गांव मे वर्षों पूर्व सड़कों पर महज़ मलबा डाला गया था , जो कि अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इसी तरह से बिजली के खंभों की अनुपयुक्त दूरी के कारण तार झूलते हुए दिखाई देते हैं , जिससे हमेशा सी ही दुर्घटनाओं की आशंका सी बनी रहती है।
गहराया पेयजल संकट, अधूरी पड़ी है घर पर नल जल योजना
उन्होंने बताया कि ज्यादातर गांवो में पेयजल की स्थिति अत्यंत गंभीर है। जैसे कि एकमात्र बोरिंग से पानी टंकी में आता है , जहां से ग्रामीणों को मैन्युअली पानी लाना पड़ता है। बिजली की अनियमित आपूर्ति के चलते कई बार जल आपूर्ति कई कई दिनो तक बंद रहती है, जिससे लोग पीने के पानी के लिए परेशान रहते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि क्षेत्र के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना को तत्काल प्रभाव से लागू कर हर घर तक पाइपलाइन से स्वच्छ जल की व्यवस्था की जाए। एक्सप्रेसवे व सैन्य छावनी के कारण क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं है।
सोलंकी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण और क्षेत्र में सैन्य छावनी (कैंट एरिया) की उपस्थिति के कारण यह क्षेत्र सामाजिक, आर्थिक और सामरिक दृष्टि से अत्यधिक संभावनाशील बन चुका है। यदि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर साइड रोड का निर्माण हो, तो यह क्षेत्र एक नया विकास केंद्र बन सकता है।
मुख्यमंत्री के नाम कैंप में रैणी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
सोलंकी ने जानकारी दी कि वे पूर्व में इस विषय पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विकास कार्यों के शीघ्र निष्पादन की मांग कर चुके हैं। हाल ही में टहटड़ा गांव (तहसील रेणी) में आयोजित प्रशासनिक शिविर के दौरान उन्होंने कैंप प्रभारी एवं तहसीलदार कैलाश चंद मेहरा को लिखित ज्ञापन सौंपा। कैंप प्रभारी ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
बिजली न होना सबसे बड़ी अड़चन
सोलंकी ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की अनुपलब्धता सबसे बड़ी विकास बाधा बन चुकी है। बिजली न होने के कारण कंप्यूटर आधारित सेवाएं बंद पड़ी हैं, जिससे युवाओं को डिजिटल सुविधाओं, शिक्षा एवं रोजगार से वंचित रहना पड़ता है। मिडिया को यह सारी जानकारी रणबीर सिंह सोलंकी राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा दी गई है।


