मुख्य पाइपलाइन से 5 दिन से बह रहा हजारों लीटर पानी, जलदाय विभाग बना 'धृतराष्ट्र
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) जिला मुख्यालय खैरथल में जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते पिछले पांच दिनों से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। तहसील कार्यालय व समाज कल्याण विभाग के बीच यादव कृषि केंद्र के बाहर लगी मुख्य पाइपलाइन का वॉल खराब हो गया है। जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन में लगा वॉल संभवतः अंदर से खराब हो चुका है, जिसके कारण बिजली आने पर 24 घंटे लगातार सप्लाई बह रही है।
यादव कृषि केंद्र में कार्यरत एक व्यक्ति ने बताया कि जैसे ही बिजली आती है, मुख्य लाइन से पानी का तेज बहाव शुरू हो जाता है, जो शहर के कई मुख्य वार्डों तक पानी की आपूर्ति करता है। यह आपूर्ति बिजली कटने पर ही रुकती है। पानी का यह बहाव अंबेडकर छात्रावास से लेकर महिला थाने तक की सड़कों पर दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को कई बार सूचित करने के बावजूद न तो मरम्मत करवाई गई और न ही किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की जहमत उठाई। एक ओर नारायणी कॉलोनी जैसे वार्डों में लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हजारों लीटर पानी सड़कों पर बर्बाद हो रहा है। यहां तक कि कई वार्डों में टैंकर तक नहीं पहुंच रहे और खराब मोटरें भी जस की तस पड़ी हैं।
स्थानीय नागरिकों ने अफसोस जताते हुए कहा कि इसी मार्ग से प्रशासनिक अधिकारी प्रतिदिन गुजरते हैं, मगर किसी ने भी सुध नहीं ली। विभाग की इस उदासीनता ने 'जल है तो कल है' जैसी कहावत को खोखला बना दिया है। पानी जीवन का आधार है, इसका संरक्षण हमारा कर्तव्य। जहां बूंद-बूंद को तरसते हैं लोग, वहां लापरवाही से बहता पानी बहुत बड़ा अपराध है।


