सिरोही एवं पिंडवाड़ा ब्लॉक की मासिक समीक्षा बैठक हुई आयोजित

Aug 23, 2025 - 12:53
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सिरोही एवं पिंडवाड़ा ब्लॉक की मासिक समीक्षा बैठक हुई आयोजित

सिरोही (रमेश सुथार)

सिरोही जिले के सिरोही एवं पिंडवाड़ा ब्लॉक की मासिक समीक्षा बैठक आज आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश खराड़ी ने की। बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी (RCHO) डॉ. रितेश सांखला, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DyCMHO) डॉ. एस.पी. शर्मा, बीसीएमओ सिरोही डॉ. विवेक जोशी, बीसीएमओ पिंडवाड़ा डॉ. बी.पी. सिंह सहित दोनों ब्लॉकों के सभी चिकित्सा अधिकारी एवं एएनएम बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें टीबी मुक्त भारत अभियान, गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम, राजस्थान सरकारी स्वास्थ्य योजना (RGHS) एवं माँ योजना, यूडीआईडी (UDID) कार्ड वितरण योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाएँ जैसे जननी सुरक्षा योजना (JSY) एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) शामिल रही। इसके साथ ही राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम अभियान, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने ब्लॉकवार रिपोर्ट प्रस्तुत कर उपलब्धियों और चुनौतियों पर अपने सुझाव दिए।

सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने कहा कि “स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना है। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं। विभाग की सभी टीमें फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी योजना का लाभ पात्र लाभार्थी से वंचित न रहे।”

उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.पी. शर्मा ने कहा कि “मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए घर-घर जागरूकता अभियान चलाना, स्वच्छता पर बल देना तथा रोग के शुरुआती लक्षणों पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी प्रकोप को समय रहते रोका जा सके।”

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रितेश सांखला ने कहा कि “मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं का सफल क्रियान्वयन ही स्वस्थ समाज की नींव है। संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व जांचें, नवजात शिशुओं का समय पर टीकाकरण और पोषण सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यदि हम इन सेवाओं को पूरी ईमानदारी से लागू करें तो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को उल्लेखनीय रूप से कम किया जा सकता है।”

आगे की रणनीति-

बैठक में यह तय किया गया कि आगामी महीनों में जिले में मौसमी बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसके लिए फील्ड स्तर पर सर्विलांस टीमों को और मजबूत किया जाएगा तथा डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों के लिए घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने, बच्चों के टीकाकरण कवरेज को शत-प्रतिशत करने तथा किशोर स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी निश्चय किया कि प्रत्येक योजना की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के अंत में सभी अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों ने संकल्प लिया कि वे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने तथा प्रत्येक गांव-ढाणी तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए टीम भावना से कार्य करेंगे।

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