खैरथल नगर परिषद पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लागू करने में पूरी तरह फेल
शहर से निकलने वाले कचरे में सबसे ज्यादा पॉलीथिन, मवेशियों व पर्यावरण को खतरा
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) शहर में कचरे के ढेरों में सबसे अधिक मात्रा पॉलिथीन की ही निकल रही है, जो मवेशियों और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। सरकार ने अमानक स्तर की पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन धरातल पर इन आदेशों की पालना नहीं हो पा रही है। यही कारण है कि सफाई के दौरान सबसे अधिक पॉलिथीन ही इकट्ठी हो रही है। नगर परिषद द्वारा पूर्व में पॉलिथीन रोकने के लिए अभियान चलाया गया था और बड़ी मात्रा में पॉलिथीन जब्त की गई थी। उस समय लोग थैला लेकर बाजार आते-जाते दिखने लगे थे, लेकिन कुछ समय बाद हालात जस के तस हो गए। अब फिर से दुकानों और प्रतिष्ठानों पर पॉलिथीन का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है और हर कोई पॉलिथीन में सामान लिए नजर आ रहा है। मवेशी इसे भोजन समझकर खा लेते हैं, जिससे यह उनके पेट में जमा होकर पाचन तंत्र को बाधित कर देता है और कई बार उनकी मौत तक हो जाती है। खाने-पीने की वस्तुएं, खासकर गर्म अवस्था में पॉलिथीन में रखने से जहरीले तत्व (कार्सिनोजेन व टॉक्सिन) उत्पन्न होते हैं, जिससे एलर्जी और कैंसर का खतरा बढ़ता है। पानी के स्रोतों में पहुंचने पर यह ऑक्सीजन की कमी पैदा कर जलीय जीवन को भी प्रभावित करता है। वहीं इस मामले में नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान पॉलिथीन जब्त की जाती है और लोगों को इसके नुकसान के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। जल्द ही इस दिशा में एक और विशेष अभियान चलाया जाएगा।


