मकान की छत गिरी, एक की मौत: धमाके की आवाज सुन लाइब्रेरी में पढ़ रहे बच्चे बचाने आए, अस्पताल में दम तोड़ा
झुञ्झुनु (सुमेरसिंह राव) मंडावा कस्बे में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। लगातार हो रही बारिश से एक पुराना मकान गिर गया, जिसके मलबे में दबकर 50 साल के महबूब पुत्र गुलाम लीलगर की मौत हो गई। इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। यह हादसा युवा सभा पुस्तकालय के पीछे स्थित एक पुराने मकान में हुआ। दोपहर करीब 12 बजे, जब महबूब मकान के अंदर थे, अचानक छत और दीवार भरभराकर गिर गई। उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरा मलबा उन पर आ गिरा।
बच्चों ने दिखाई बहादुरी, लेकिन नहीं बचा पाए जान
हादसे के समय पास ही स्थित पुस्तकालय में कुछ बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। जोरदार आवाज सुनकर वे तुरंत बाहर आए और महबूब को मलबे में दबा देखा। बच्चों ने बिना समय गंवाए गेट खोलकर उन्हें निकालने की कोशिश की। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे और सबने मिलकर महबूब को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महबूब की मौत की खबर सुनते ही उनके परिवार में मातम छा गया। महबूब अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे और उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें से एक अभी अविवाहित है। इस अचानक आई आपदा से परिवार गहरे सदमे में हैं।
जर्जर मकानों के सर्वे की मांग
इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जर्जर मकानों का सर्वे कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कस्बे और गांवों में कई पुराने मकान हैं, जो बारिश के मौसम में खतरनाक हो जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मकानों को समय रहते खाली कराया जाए या उनकी मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में पुराने और असुरक्षित मकानों से दूर रहें।