स्कूलों में नो बैग डे पर बाल विवाह रोकथाम जागरूकता कार्यशाला करें आयोजित-जिला कलक्टर
अधिकारी आपदा राहत प्रकरणों की रिपोर्ट भेजें शीघ्र
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र में वीसी के माध्यम जुड़कर जिला स्तरीय अधिकारी एवं उपखंड अधिकारियों के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन, ई-गिरदावरी, फार्मर रजिस्ट्री शिविर, जन सुरक्षा सेचुरेशन अभियान, गांव चलों अभियान, शहर चलों अभियान सहित अन्य बिन्दुओं को लेकर व्यापक रूप चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत सभी स्कूलों में शनिवार को नो बैग डे पर बाल विवाह के दुष्परिणामों जागरूकता कार्यशाला आयोजित करें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित अधिकारी राजस्थान सरकार के दिशा-निर्देश पर संचालित बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान के उद्देश्यों का कर्तव्यनिष्ठा से निर्वहन करें। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिट एंड रन लंबित प्रकरणों की सूचना शीघ्र भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता से बाल विवाह रोकने के लिए उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, बाल कल्याण समिति सदस्य, पुलिस सभी टीम भावना से कार्य करें।
उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर ई-गिरदावरी एवं फार्मर रजिस्ट्री शिविरों में प्रगति लायें। उन्होंने कहा कि फसल खराबे के सटीक आंकलन और किसानों को पारदर्शी तरीके से मुआवजा दिलाने के लिए ई-गिरदावरी प्रक्रिया अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि क्षेत्रों में जन, पशुधन, भवन हानि का आंकलन कर एवं आपदा राहत संबंधी प्रकरणों की रिपोर्ट पारदर्शिता के साथ शीघ्र भेजें। जिससे पीड़ित व्यक्ति को समय पर राहत मिल सके।
उन्होंने उपखंड, नगरीय निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक शहर चलो अभियान के सफल क्रियान्वयन करने हेतु पूर्व शिविर आयोजित करे, जिले में 18 सितंबर से ग्राम पंचायतों में गांव चलो अभियान संचालित किया जाएगा। जनोपयोगी कार्य सम्पादित करने के लिए इस अभियान का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित हो। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित अधिकारी आगामी आयोजित शिविरों में पात्रजनों के दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाकर लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर में सभी पात्र लोगों तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अंत्योदय की संकल्पना को साकार करने के लिए 30 सितम्बर तक वित्तीय समावेशन एवं जन सुरक्षा सेचुरेशन अभियान के तहत संबन्धित विभाग सक्रियता से भाग लेकर सभी पात्र परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित करें। उन्होंने शहर चलो अभियान एवं गांव चलो अभियान के अन्तर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के निष्क्रिय खातों की री-केवाईसी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत लागू करने और सभी पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
सहकारिता सदस्यता अभियान के लिए तैयारियां करें
उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक संचालित होने वाले सहकारिता सदस्यता अभियान के सुचारू संचालन के लिए सहकारिता विभाग फील्ड में पदस्थापित विभागीय अधिकारियों के साथ तैयारियों के संबंध में नियमित समीक्षा करें। इस अभियान में नवीन पैक्स का गठन, सदस्यता अभिवृद्धि पीएम किसान सम्मान निधि योजना से वंचित लाभार्थी को जोड़ना, भूमि विहीन पैक्स हेतु भू-आवंटन कार्यवाही आदि जैसे कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में एक भी ग्राम पंचायत सहकारिता से वंचित नहीं रहे। उन्होंने तीनों अभियानों के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां करें, जिससे पात्रजनों को धरातल पर लाभ मिलें। इस दौरान बैठक में अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी, उपखण्ड अधिकारी राजीव शर्मा, उच्चैन भारती गुप्ता, उपनिदेशक महिला अधिकरिता राजेश चौधरी, उपनिदेशक आईसीडीएस सिकरामाराम चोयल, सहायक निदेशक बाल अधिकारिता अमित अवस्थी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

