किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए वरदान है सोलर पंप सेट
एकबार आवेदन पर सम्पूर्ण प्रक्रिया उद्यान विभाग द्वारा पूरी की जायेगी
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) पीएम कुसुम योजना के तहत सभी किसान उद्यान विभाग के माध्यम से फसलों की सिंचाई करने के लिए अपने खेतों सोलर पंप सेट स्थापित कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को उद्यान विभाग में ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा जिसमें अपनी कृषि भूमि, जलस्रोत, कंपनी का चयन इत्यादि की जानकारी देनी होगी। बस एक बार आवेदन करने के बाद सोलर पंप सेट स्थापित करने तक बाकी सभी जिम्मेदारी उद्यान विभाग की रहेगी।
संयुक्त निदेशक उद्यान विभाग योगेश शर्मा ने बताया कि विभाग के माध्यम से पीएम कुसुम योजनांतर्गत कंपोनेंट बी के तहत सरकार किसान को उनकी आवश्यकतानुसार, 3, 5, 7.5 तथा 10 हॉर्स पावर के सोलर पंप सेट स्थापित कराने का काम कर रही है। उन्होने बताया कि किसान को सोलर पंप सेट ईकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान सरकार द्वारा दिया जाता है। अगर कोई किसान अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का है तो फिर उसे प्रति पंप सेट 45 हजार का अतिरिक्त अनुदान दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि आनलाइन आवेदन करने के बाद पत्रावली की जांच कर सोलर पंप सेट स्थापित करने वाली संबंधित कंपनी को पत्रावली पहुंच जाती है और इसके बाद कंपनी प्रतिनिधि किसान के यहां जाकर तकनीकी सर्वे करते हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी सर्वे रिपोर्ट संबंधित जिले के उद्यान विभाग को भिजवा दी जाती है तथा उद्यान विभाग द्वारा कंपनी को कार्यादेश जारी कर दिया जाता है। सोलर पंप सेट स्थापित होने के बाद उद्यान विभाग के अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है। भौतिक सत्यापन के दौरान सोलर पंप सेट की कार्यप्रणाली सही पाए जाने पर अनुदान राशि जारी कर दी जाती है।
भरतपुर संभाग को 4 हजार का लक्ष्य-
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए इस योजना का भरपूर लाभ देने का निर्णय लिया गया है और भरतपुर संभाग में कुल 4 हजार किसानों के यहां सोलर पंप सेट स्थापित करने के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अगर लक्ष्यों की और अधिक आवश्यकता होगी तो फिर अतिरिक्त लक्ष्यों का आवंटन करने का आश्वासन भी दिया गया है।
अलवर जिले को 500, डीग जिले को 500, भरतपुर जिले को 500, धौलपुर जिले को 500, करौली जिले को 500 तथा सवाईमाधोपुर जिले को 1500 का लक्ष्य दिया गया है। इस तरह से भरतपुर संभाग को कुल 4,000 सोलर पंप सेट स्थापित करने के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
सोलर पंप सेट से होने वाले लाभ-
संयुक्त निदेशक ने बताया कि सोलर पंप सेट सूर्याेदय के बाद निकलने वाली धूप से चलता है। सूर्याेदय के आधा घंटे बाद सोलर पंप सेट चालू हो जाता है और सूर्यास्त से आधा घंटे पहले बंद हो जाता है। इस प्रकार इसका उपयोग दिन में ही होता है। दिन में उपयोग होने के कारण रात के समय सर्दी-गर्मी, जंगली जानवरों, इत्यादि से होने वाली असुविधाओं से बचा जा सकता है
उन्होंने भरतपुर संभाग के सभी किसान भाइयों से आव्हान किया है कि अपनी आवश्यकतानुसार सोलर पंप सेट स्थापना हेतु अपने जिले के उद्यान विभाग, कृषि विभाग अथवा उप निदेशक उद्यान से संपर्क कर किसानों के लिए वरदान इस महत्वपूर्ण और लाभदायक योजना का फायदा उठाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें।