गोविंदगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोशल मीडिया पर लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर एआई (AI) तकनीक से ठगी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार
गोविंदगढ़ (अलवर): जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर और अत्याधुनिक एआई (AI) ऐप्स का दुरुपयोग कर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है।
- आरोपी की पहचान व बरामदगी:
थानाधिकारी धर्म सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शाहरुख (पुत्र हुकुमदीन), निवासी न्याणा, गोविंदगढ़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद किया गया है।
- ठगी का शातिर तरीका (Modus Operandi):
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाता था। इन आईडी पर वह गूगल से लग्जरी बाइक्स की तस्वीरें अपलोड कर खुद को 'खरीदो-बेचो' कंपनी का सेल्स मैनेजर बताता था।
ग्राहकों को जाल में फंसाने के लिए वह बाजार मूल्य से बेहद सस्ते दामों पर बाइक दिलाने का लालच देता था। जब कोई पीड़ित झांसे में आता, तो आरोपी एआई (AI) और अन्य वॉयस चेंजिंग ऐप्स की मदद से लड़की जैसी आवाज बनाकर वॉट्सऐप कॉलिंग पर बात करता था, जिससे पीड़ितों को उसकी प्रामाणिकता पर पूरा भरोसा हो जाता था। इसके बाद वह एडवांस बुकिंग और कूरियर चार्ज के नाम पर क्यूआर (QR) कोड भेजकर ऑनलाइन पैसे मंगवा लेता था।
- अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा:
आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज हैं। इसने गत 11 मई को केरल राज्य के मल्लापुरम (मनकड़ा) निवासी एक युवक से बड़ी ठगी की थी। इसके अलावा, हरियाणा के भिवानी साइबर थाने में भी इस आरोपी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और साथियों (अखिल, अनसद और मुसर) की मदद से फर्जी सिम और मोबाइल का इंतजाम किया था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक खातों की जांच कर रही है।
गोविंदगढ़ पुलिस आमजन से अपील करती है कि:
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सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी लुभावने या बेहद सस्ते 'बाय एंड सेल' के विज्ञापनों पर आंखें मूंदकर भरोसा न करें।
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केवल किसी की आवाज या प्रोफाइल फोटो देखकर ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर न करें। जब तक सामान या व्यक्ति की व्यक्तिगत रूप से पुष्टि न हो जाए, एडवांस पेमेंट करने से बचें।
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किसी भी प्रकार की ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या
www.cybercrime.gov.inपर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


