कोटकासिम के पत्रकार संजय बागड़ी ने गरीब परिवार की बालिकाओं को किए वस्त्र भेंट
मुंडावर (देवराज मीणा)
निकटवर्ती कोटकासिम क्षेत्र के नांगल सालिया गांव निवासी पत्रकार संजय बागड़ी ने जब एक गरीब परिवार की बालिकाओं को कुछ कपड़े व फल भेंट किए तो परिवार के सभी सदस्यों के चेहरे पर खुशी साफ साफ नजर आई।
पत्रकार बागड़ी ने बताया कि उनकी पत्नी संगीता बागड़ी बारां जिले के अंता ब्लॉक में राजकीय सेवा में कार्यरत है। जब वे बारां गए तो उन्होंने अंता ब्लॉक के सिंधपुरी ओर पाटुंडा गांवो के बीच घने जंगल में टपरी बना कर रह रहे एक गरीब की बालिकाएं मिली जो विद्यालय भी नहीं जाती थी। उन्होंने इन बालिकाओं को विद्यालय में प्रवेश दिलाया। इसके साथ ही परिवार की विद्यालय जाने वाली इन बालिकाओं को समाजसेवी व पत्रकार संजय बागड़ी एवं उनकी धर्म पत्नी ने वस्त्र भेंट किए।
बागड़ी ने बताया कि सिंधपुरी से पाटुंदा गांवों के बीच पेट्रोल पंप के पास पड़ने वाले जंगल में एक गरीब परिवार झोंपड़ी बनाकर रहता हे। जिसकी दो बालिकाएं पढ़ने जाती हे। इन बालिकाओं के पास विद्यालय गणवेश नहीं थी। इसको देखते हुए उन्होंने अपने कुछ मित्रों के सहयोग से दोनों बालिकाओं को दो शर्ट, घघरी,दो सूट,दो सलवार,दो दो जोड़ी अंडर गारमेंट्स, चुनियां,फ्रूट ओर कुछ नगद धनराशि प्रदान कर सहयोग किया।
परमार्थ सबसे बड़ा पुण्य का कार्य -- संजय बागड़ी
आपको बता दें बागड़ी स्वयं मीडिया जगत से जुड़े हुए हैं तो वहीं उनकी धर्म पत्नी संगीता बागड़ी बारां जिले के अंता ब्लॉक के एक राजकीय विद्यालय में विशेष शिक्षक के पद पर कार्यरत है। कोटकासिम क्षेत्र के लोगों ने अध्यापिका एवं पत्रकार के द्वारा किए गए इस नेक कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा की।
घने जंगल के बीच लाइट पानी के अभाव में जीने को मजबूर परिवार की बालिकाओं को मिला सहारा- बारां जिले के अंता कस्बे से सीसवाली रोड पर सिंधपुरी के पास स्थित घने जंगलों के बीच रहने वाले इस परिवार में 5 लड़कियां और एक लड़का अपने माता पिता के साथ जंगल में रहते हैं। इस परिवार के पास घर के नाम पर सिर्फ एक झोंपड़ी हे जिसमें कोई लाइट नहीं,कोई पंखा नहीं। घर से काफी दूर स्थित एक हैंडपंप से पीने व कपड़े धोने के लिए पानी लाते हे। खुले में शौच ओर नहाना,रात को मच्छरों से बचने के लिए चुन्नी ओढ़कर सोने जैसी समस्याओं से जूझ रहे इस परिवार की बालिकाओं को सहारा मिला तो उनके चेहरे खिल उठे।