मधुमक्खी पालन पर मिलेगा 80 हजार तक का अनुदान: किसान मधुमक्खी पालन के लिए ऑन लाइन या उद्यान विभाग में कर सकेगें आवेदन
भरतपुर, 10 अक्टूबर। राज्य सरकार द्वारा किसानों तथा मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी बॉक्स तथा मधुमक्खी कॉलोनी पर 80 हजार रूपये तक का अनुदान दिया जायेगा। इसके लिए आवेदनकर्ता के पास कम से कम एक एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है।
संयुक्त निदेशक उद्यान विभाग योगेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में एक मधुमक्खी बॉक्स की कीमत लगभग 2000 रू. तथा मधुमक्खी कालोनी की कीमत भी लगभग 2000 रू. है। एक किसान को अधिकतम 50 मधुमक्खी बाक्स तथा 50 मधुमक्खी कालोनी दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान देय होगा। एक मधुमक्खी पालक को मधुमक्खी बॉक्स तथा मधुमक्खी कालोनी पर अधिकतम 80,000 हजार का अनुदान देय होगा।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि उद्यान विभाग के अन्तर्गत भरतपुर संभाग के अलवर जिले में 1,400 भरतपुर जिले में 3200, डीग जिले में 750, धौलपुर जिले में 1200, करौली जिले में 1500 तथा सवाईमाधोपुर जिले 3500 मधुमक्खी पालकों को लाभान्वित करने के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2825-26 में भरतपुर संभाग में कुल 11,500 किसानों, मधुमक्खी पालकों को अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में किसान, मधुमक्खी पालक अपने क्षेत्र में फ्लोरा समाप्त होने पर प्रदेश, देश के अन्य स्थानों पर मधुमक्खियों को स्थांतरित करने पर मधुमक्खी बाक्स तथा कालोनी के लाने ले जाने पर होने वाले खर्च पर भी अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
अनुदान के लिए आवश्यक दस्तावेज-
उन्होंने बताया कि अनुदान प्राप्त करने के लिए किसान, मधुमक्खी पालकों को अपने जिले में कार्यरत कार्यालय उप निदेशक उद्यान विभाग में संपर्क करना होगा। किसान राज किसान पोर्टल पर सीधे ही आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों में जमाबंदी की प्रति, जनाधार, तथा बैंक पासबुक की प्रति लगानी होगी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद आवेदन पत्रों की जांच की जाएगी और सही पाए जाने पर प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी जाएगी।
किसान के बैक खाते में आयेगा अनुदान-
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद किसान अपनी इच्छानुसार, उद्यान आयुक्तालय जयपुर द्वारा पंजीकृत किसी भी फर्म से मधुमक्खी बॉक्स तथा मधुमक्खी कॉलोनी ले सकेंगे। इसके बाद अपने जिले के कार्यालय उप निदेशक उद्यान को सूचित किया जाएगा ताकि खरीदे गए मधुमक्खी बॉक्स तथा मधुमक्खी कालोनी का भौतिक सत्यापन किया जा सके। उन्होंने बताया कि भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि, किसानों के बैंक खातों में सीधे ही स्थांतरित कर दी जाएगी।
- कोशलेन्द्र दत्तात्रेय