पुरातन छात्र सम्मेलन में भारतीय संस्कृति पर आधारित जीवन जीने के महत्व पर डाला प्रकाश
वैर भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
विद्या भारती संस्थान के द्वारा संचालित उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मन्दिर, वैर में दिनांक 22 अक्टूबर 2025 को पुरातन छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया। सर्वप्रथम माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विद्या मन्दिर की पूर्व छात्रा बहिन नेहा शर्मा ने अपने उद्बोधन में बताया कि आदर्श विद्या मंदिर में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ संस्कारित बनते हैं जो उनके सम्पूर्ण जीवन में पथ प्रदर्शक का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविंद धाकड ने भारतीय संस्कृति पर आधारित जीवन जीने के महत्व पर प्रकाश डाला। जिसमें उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में वसुधैव कुटुम्बकम की परम्परा के अनुसार हमें जीवन जीना चाहिए।
विद्यालय में अध्ययन करने वाले समस्त पूर्व छात्र-छात्राओं ने इस दौरान अपने अनुभव भी साझा किए । अनुभव साझा करते समय समस्त पूर्व छात्र-छात्राओं को अपना बचपन याद आया जो कीमती समय उन्होंने विद्यालय में बिताया। अपने अनुभवों में उन्होंने बताया कि विद्यालय के द्वारा शिक्षा के साथ-साथ जो संस्कार उन्हें प्राप्त हुए हैं उनका जीवन में प्रयोग करके उन्हें वास्तविक सुकून का अनुभव हुआ है जो समाज में उनकी एक विशेष पहचान बनाता है। इस विशिष्ट दिवस पर विद्यालय उपसमिति वैर कार्यकारिणी के द्वारा आगन्तुक समस्त पूर्व छात्र-छात्राओं का स्मृति चिन्ह एवं पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मनमोहन शर्मा(अध्यक्ष उपसमिति वैर) घमंडी लाल मीणा(व्यवस्थापक उपसमिति वैर), परशुराम चौधरी, दीनदयाल शर्मा, गोविंद सिंह धाकड़, महेश चन्द गोयल, प्रधानाचार्य गोरधन प्रसाद शर्मा, समस्त पुरातन छात्र-छात्रा एवं विद्या मन्दिर के आचार्य-आचार्या उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अन्त में प्रधानाचार्य गोरधन प्रसाद शर्मा ने आगन्तुक पुरातन छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।

