उत्साह नहीं: हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपए डूबे, किसान की मेहनत पर मंडी ने फेरा पानी:उत्साह नहीं: हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपए डूबे, किसान की मेहनत पर मंडी ने फेरा पानी
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
इस बार खैरथल और आसपास के ग्रामीण अंचलों में दीपावली का त्योहार अपने पारंपरिक उल्लास से काफी फीका नजर आया। एक तरफ ग्राम मातौर स्थित नववंश चिटफंड कंपनी ने हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपए लेकर फरार होने की खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया, तो दूसरी तरफ प्याज के औंधे भावों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
घर में अंधेरा, जेब में खालीपन ग्राम मातौर निवासी रुड़ा राम ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन की गाढ़ी कमाई नववंश कंपनी में जमा की थी। अब दीपावली क्या मनाएं, घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। कंपनी भाग गई, और हम रह गए खाली हाथ। दीपावली जैसे उत्सव पर जहां हर साल घरों में दीप सजते थे, मिठाइयों की महक से गलियां गुलजार होती थीं, इस बार वहां मायूसी और खामोशी पसरी रही। अधिकांश परिवारों ने बस रस्म अदायगी के तहत त्योहार मनाया।
प्याज बनी किसानों के आंसुओं की वजहः-
मातौर निवासी किसान रामलाल यादव ने बताया, "उम्मीद थी कि इस बार प्याज के अच्छे दाम मिलेंगे और त्योहार सही ढंग से मना पाएंगे, लेकिन मंडी में थोक में प्याज की कीमतें औंधे मुंह गिर गई।"
उनके अनुसार, अच्छी क्वालिटी की प्याज 7 रुपए प्रति किलो और मध्यम गुणवत्ता की 2 रुपए से 3 रुपए प्रति किलो के भाव बिक रही है, जो लागत से भी कम है। किसानों का कहना है कि "कभी आंखों को रुलाने वाली प्याज, आज खुद किसानों की आंखों में आंसू ला रही है।"
नववंश कंपनी के खिलाफ कार्रवाई जारीः-
नववंश चिटफंड कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कई ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी ने लाखों रुपए निवेशकों से इकट्ठा कर फरार हो गई। पुलिस ने अब तक कंपनी के चार एजेंटों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी दाताराम और उसका भांजा अभी भी फरार है।
ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि, "एजेंट तो मोहरे हैं, असली खेल तो मालिकों ने किया है, जिन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।"
दोहरी मार ने बुझा दिया त्योहार:-
एक तरफ ठगी और दूसरी तरफ कृषि उत्पादों की कीमत में भारी गिरावट इन दोनों ने मिलकर इस बार खैरथल व आसपास के क्षेत्र की दीपावली की रौनक को बुरी तरह प्रभावित किया। आमजन का कहना है कि न तो जेब में पैसे बचें और न ही दिल में उत्साह।

