भैया_दूज :जेल की ऊंची दीवारों और लोहे के जंगलों के पार भावनाओं का उमड़ा सागर
भरतपुर में सेवर सेंट्रल जेल की ऊंची दीवारों और लोहे के जंगलों के पार आज भावनाओं का सागर उमड़ पड़ा। भाई दूज के पावन अवसर पर गुरुवार सुबह से ही बहनें अपने कैदी भाइयों से मिलने जेल पहुंचने लगीं, जिसमें किसी के हाथ में पूजन की थाली थी, तो किसी की आंखों में महीनों बाद भाई से मिलने की चमक।
प्राप्त जानकारी अनुसार भाई दूज के लिए जेल के गेट पर टेबल लगाकर विशेष व्यवस्था की गई ताकि बहनें आसानी से अपने बंदी भाइयों के माथे पर तिलक लगा सकें और उन्हें मिठाई खिला सकें। जंगले की सलाखों के उस पार से जब बहनों ने भाइयों के माथे पर रोली और चावल चढ़ाए तो माहौल भावुक हो उठा। कई बहनों की आंखों से खुशी और पीड़ा दोनों के आंसू छलक पड़े।
प्राप्त जानकारी अनुसार महिला जेल में भी इसी तरह भाई-बहन के मिलन के क्षण देखने को मिले, जहां पुरुष अपने बंदी बहनों से तिलक करवाने पहुंचे। जेल परिसर में पानी और बैठने की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की सख्त सुरक्षा के बीच भी माहौल में त्योहार की मिठास और मानवीय भावनाओं की गर्माहट महसूस की जा सकती थी।
जेल अधीक्षक परमजीत सिंधु ने बताया कि भाई दूज को देखते हुए जेल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं, जिसमें “आज केवल महिलाएं और बच्चे ही मुलाकात कर सकेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से आरएसी और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है। सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से पूरा हो सके"। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रम शाम 4 बजे तक चलेगा लेकिन यदि कोई बहन देर से पहुंचती है तो उसे भी अपने भाई से मिलने का अवसर दिया जाएगा।
- कोशलेन्द्र दत्तात्रेय