सेवा पर्व पखवाड़ा शिविरो में पट्टे मिलने से लाभार्थियों के चेहरे खिले
स्वामित्व योजना के तहत मिला मालिकाना हक, लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार जताया
डीग (नीरज जैन) राज्य सरकार के निर्देशानुसार "सेवा पर्व पखवाड़ा" के तहत शुक्रवार को डीग जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में वर्षों से अपने पैतृक आवासों के मालिकाना हक के लिए प्रयासरत ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण करते हुए उन्हें मौके पर ही पट्टे जारी किए गए।
जिले के डीग, कामां और कुम्हेर उपखण्डों में आयोजित शिविरों में "स्वामित्व योजना" के अंतर्गत पट्टे जारी करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। डीग उपखण्ड की ग्राम पंचायत गढ़ी मेवात में आयोजित शिविर में लाभार्थी जिया उल हक पुत्र मजीद और हेतराम पुत्र गोविन्द को उनके पैतृक आवासों के पट्टे प्रदान किए गए।
इसी प्रकार, कामां उपखण्ड की ग्राम पंचायत पल्ला में भगवान सिंह पुत्र सुक्की और लखन सिंह पुत्र मूलाराम को उनके पुश्तैनी मकानों के पट्टे सुपुर्द किए गए। ग्राम पंचायत कनवाड़ा में भी रामधन पुत्र हरकिशन एवं शिवराम पुत्र गिर्राज को शिविर के दौरान ही स्वामित्व योजना के पट्टे जारी किए गए।
पट्टा प्राप्त कर लाभार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गढ़ी मेवात के लाभार्थी जिया उल हक ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से पट्टे के लिए प्रयासरत थे, लेकिन आज शिविर में अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताने पर शिविर प्रभारी के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत ने उन्हें मौके पर ही पट्टा प्रदान कर दिया। उसने कहा कि अब मैं इस पट्टे के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त कर अपने बच्चों का अच्छे से पालन-पोषण कर सकूँगा।
इसी प्रकार कनवाड़ा के लाभार्थी शिवराम ने बताया कि मालिकाना हक का कोई भी दस्तावेज न होने के कारण उन्हें और उनके परिवार को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज शिविर की बदौलत पट्टा मिलने से यह चिंता हमेशा के लिए दूर हो गई। सभी लाभार्थियों ने इन शिविरों को आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए मुख्यमंत्री एवं स्थानीय प्रशासन का हृदय से आभार जताया है।
इन शिविरों में केवल राजस्व संबंधी कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों की सेवाओं का भी तत्काल लाभ दिया गया। कुम्हेर उपखण्ड की ग्राम पंचायत उसरानी में आयोजित शिविर में लाभार्थी हंसराज पुत्र तोताराम के विवाह पंजीयन का कार्य मौके पर ही किया गया। हंसराज ने बताया कि वह काफी समय से इसके लिए प्रयासरत था। उसने सरकार का धन्यवाद देते हुए इस प्रकार के शिविरों को आमजन के लिए बेहद फायदेमंद बताया।

