खैरथल की अस्थायी प्याज मंडी में बढ़ी आवक, घटे दामों से किसान परेशान
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) देशभर में मशहूर खैरथल क्षेत्र की लाल प्याज इन दिनों किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही। नई अनाज मंडी परिसर में अस्थायी रूप से शुरू की गई प्याज मंडी में पिछले चार-पांच दिनों में करीब 19 हजार कट्टों से अधिक प्याज की आवक दर्ज की गई है, लेकिन किसानों को अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे। इस बार खैरथल-तिजारा जिले में करीब 12 हजार हैक्टेयर में प्याज की बुवाई की गई है। मंगलवार को बाजार में बढ़िया क्वालिटी की सूखी प्याज सिर्फ 14 रुपए प्रति किलो बिकी, जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई। जो किसान प्याज की सही ग्रेडिंग और सफाई करके मंडी तक पहुंचा रहे हैं, उन्हें भाव कुछ बेहतर मिल रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर बाजार कमजोर बना हुआ है। बानसूर तहसील के मोठ्का निवासी किसान भूपसिंह ने बताया कि एक मजदूर प्याज की कटाई के लिए 600 रुपए लेता है। एक बीघा प्याज की फसल तैयार करने में करीब 1 लाख रुपए का खर्च आता है। इतने खर्च के बावजूद 14 रुपए किलो का भाव बेहद निराशाजनक है। किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत को देखते हुए प्याज का भाव कम से कम 25 से 30 रुपए प्रति किलो होना चाहिए, तभी उन्हें कुछ राहत मिल सकेगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती सीजन में प्याज की अधिक आवक और बाहरी राज्यों से आपूर्ति जारी रहने के कारण फिलहाल बाजार दबाव में है। हालांकि, अगले कुछ हफ्तों में प्याज के दामों में मामूली सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।