स्वदेशी व गो-उत्पाद प्रदर्शनी में लगी भरतपुर की 10 स्टॉले, केन्द्रीय मंत्री बघेल ने भरतपुर की गजक व भुसावर के स्वादिष्ट अचार की प्रशंसा
भ्ररतपुर (राजस्थान) राष्ट्रीय गोधन महासंघ द्वारा नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित हो रही स्वदेशी व गो-उत्पाद प्रदेर्शनी में भरतपुर की स्वदेशी उत्पादों की 10 स्टालें लगाई गयी है। जिसमें प्रमुख रूप से भरतपुर की गजक, भुसाबर के अचार-मुरब्बे, बैलारा (नदबई) की तुलसीमाला, पना (उच्चैन) के जैविक उत्पाद, नैवाडा (वैर) का शहद आदि शामिल है। प्रर्दशनी का उद्धाटन केन्द्रीय पशुपालन एव डेयरी राज्य मंत्री एस पी बघेल ने किया तथा अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने की।
प्रदर्शनी के शुभारम्भ के बाद अतिथियों ने स्टॉलों के अवलोकन द्वारा भुसावर के आचार-मुरब्बा, आनंद स्वरूप-मुकेशचंद की गजक, बेलारा (नदबई) की तुलसी माला, नैवाड़ा के प्राकृतिक शहद आदि उत्पादों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वदेशी उत्पाद ही हमारी आर्थिक विकास में सहभागी बनेंगे। इनसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और इन कार्यों से गरीब लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे ! इस अवसर पर पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, विभिन्न राज्यों के राष्ट्रीयनेता, सभाज सेवी, संत महात्मा, ग्रामीण विकास मर्मज्ञ, गौसेवक आदि उपस्थित थे। यह प्रदर्शनी आगामी 10 नवम्बर तक लगेगी।
उद्यमियों ने जीता दर्शकों का दिल - भरतपुर जिले के उद्यमियों — वृद्धि अचार उद्योग, मुकेश चंद आनंद गजक, और ओमवती तुलसीमाला निर्माण — ने प्रदर्शनी में अपनी गुणवत्ता और विशिष्टता के दम पर अव्वल स्थान प्राप्त कर राजस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
कार्यक्रम संयोजक तथा राष्ट्रीय गोधन महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक विजय खुराना और सह-संयोजिका मोनिका अरोड़ा ने बताया कि प्रदर्शनी में देशभर से आए उद्यमियों ने गौवंश आधारित, स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन किया है। यह कार्यक्रम पर्यावरण-संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने कहा कि “राष्ट्रीय गोधन समिट 2025 का मुख्य उद्देश्य केवल प्रदर्शनी के माध्यम से उत्पादों को मंच प्रदान करना भर नहीं है, बल्कि इससे भी आगे बढ़कर एक सतत और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम उठाना है। इस समिट के माध्यम से हम पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर, तथा गोवंश आधारित उद्योगों को राष्ट्रीय पहचान और प्रोत्साहन देना चाहते हैं।
गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण भारत में परंपरागत ज्ञान और स्वदेशी उत्पादों की अपार संभावनाएँ हैं, जिन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बाज़ार उपलब्ध कराकर हम देश की पर्यावरणीय अर्थव्यवस्था, किसानों की आय में वृद्धि तथा गौवंश संरक्षण—इन सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ सशक्त कर सकते हैं। यह समिट इसी व्यापक सोच और दूरदर्शी दृष्टिकोण का प्रतीक है।”
समृद्ध भारत अभियान के प्रदेश प्रभारी पुनीत गुप्ता ने बताया कि प्रदर्शनी में संस्था की ओर से शहद, स्वदेशी निर्माण वस्तुएँ, गौ आधारित उत्पादन और प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों की विशेष स्टॉल लगाई गई है।