कुंडों एवं अन्य जीर्णोद्धार कार्यों की गुणवत्ता की जाँच की मांग
सीताराम गुप्ता ने संभागीय आयुक्त को लिखा पत्र
भरतपुर( विष्णु मित्तल) भरतपुर विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम द्वारा शहर के कुंडों एवं अन्य जीर्णोद्धार के कार्यों की गुणवत्ता की जाँच की मांग समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की है तथा सुझाव दिए है कि गुणवत्ता की निगरानी जबावदेही एवं पारदर्शिता के लिए एक तंत्र गठित किया जाए !
उन्होंने कहा कि नालों और कुंडों के जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों–करोड़ों की सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद वास्तविक कार्य जमीन पर नज़र नहीं आता। कई स्थानों पर केवल नाम मात्र का काम हुआ है, जिसकी तस्वीरें और रिपोर्टें इस बात का प्रमाण हैं कि निर्माण कार्यों के प्रति संबंधित विभागों की उदासीनता एवं लापरवाही चरम पर है।गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल भरतपुर संभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि करदाताओं के पैसे की खुली बर्बादी है। जनता जिस विश्वास से सरकार को टैक्स देती है, उसी राशि का दुरुपयोग होने से शासन की साख पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु कई ठोस सुधारात्मक सुझाव जारी किए जिनमे 3–5 वर्ष का अनिवार्य वार्षिक रखरखाव अनुबंध एवं निर्माण कार्य करती है तो खराब गुणवत्ता वाले निर्माण स्वतः बंद होंगे और दोष मिलने पर जिम्मेदारी तय हो सकेगी ! टेंडर प्रक्रिया में वार्षिक अनुबंध अनिवार्य किया जाना सुनिश्चित किया जाए ! साथ ही यह तंत्र विकसित होने के बाद निगरानी और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी तथा जिम्मेदार एजेंसियों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी !गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और स्थिति इसी प्रकार ढीली रहती है, तो यह पूरा मामला उच्च-स्तरीय सतर्कता संगठनों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और आमजन के हित सुरक्षित रह सकें।