हाथ से लिखी रिपोर्ट अमान्य, पोर्टल से सीधे पुलिस रिकॉर्ड में होगी एंट्री: पोस्टमार्टम व एमएलसी रिपोर्ट पूरी तरह होगी ऑनलाइन
खैरथल (हीरालाल भूरानी) प्रदेश में मेडिको-लीगल कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 जनवरी से पोस्टमार्टम और अन्य सभी मेडिको-लीगल (एमएलसी) रिपोर्ट पूरी तरह ऑनलाइन जारी की जाएंगी। इसके बाद हाथ से लिखी गई किसी भी एमएलसी या पोस्टमार्टम रिपोर्ट को किसी भी स्थिति में मान्य नहीं माना जाएगा। यह व्यवस्था राज्यभर में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लागू की जा रही है। नई प्रणाली के तहत रिपोर्ट सीधे पोर्टल पर तैयार होकर पुलिस के रिकॉर्ड में अपलोड हो जाएगी, जिससे रिपोर्ट में छेड़छाड़, देरी और अस्पष्टता की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। खास बात यह है कि राजकीय सेटेलाइट अस्पताल खैरथल में इस व्यवस्था को ट्रायल के रूप में पहले ही लागू कर दिया गया है, जहां अब सभी रिपोर्ट स्पष्ट, सुपाठ्य और कैपिटल लेटर में ऑनलाइन जारी की जा रही है।
पुलिस सिस्टम से सीधे लिंक होगी रिपोर्ट
सैटेलाइट अस्पताल के सीएमएचओ, विभागाध्यक्ष और मेडिकल ज्यूरिस्ट की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही सभी संबंधित डॉक्टरों के लिए सॉफ्टवेयर पोर्टल पर व्यक्तिगत आइडी बनाना अनिवार्य किया गया है।
नई व्यवस्थाः जानिए क्या बदलेगा
एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट, सुपाठ्य व कैपिटल लेटर में दर्ज करनी होगी। स्थान कम होने पर अतिरिक्त पृष्ठ जोड़े जा सकेंगे। अपठनीय, अधूरी या अस्पष्ट रिपोर्ट स्वीकार नहीं होगी।
विशेष परिस्थिति में यदि ऑनलाइन एंट्री संभव नहीं हो पाए, तो संबंधित डॉक्टर को पोर्टल पर ठोस कारण दर्ज करना होगा।
बिना कारण ऑफलाइन रिपोर्ट बनाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
इस संबंध में राजकीय सेटेलाईट अस्पताल खैरथल के पी एमओ डॉ नितिन शर्मा ने बताया कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह प्रक्रिया एक माह से अधिक समय से नियमित रूप से संचालित की जा रही है। इससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पारदर्शिता बढ़ी है और संबंधित विभागों को समय पर जानकारी मिल रही है।