किसान सम्मेलन में किसानो को संगठन बनाकर अपनी मांगे मजबूती से रखने के लिए किया प्रेरित ; जाट बोले - देश में किसान परेशान
हलैना (विष्णु मित्तल)कस्बा वैर के भुसावर रोड स्थित एक निजी स्कूल मे राजेश पायलेट किसान संगठन जिला इकाई द्वारा किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सांसद संजना जाटव ने भाग लिया। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुनील कुमार ने की । विशिष्ट अतिथि के रूप में किसान नेता इन्दल सिंह जाट ,दरबारी सरपंच, चंद्रप्रकाश अवस्थी, भीम कारवान, रामहंस फौजी रहे। कार्यक्रम में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामकेश चौधरी, अंकित बैसला मीडिया प्रभारी, राजवीर कसना प्रदेश उपाध्यक्ष, राम सरन मीना जिला अध्यक्ष अलवर, लक्ष्मण सिंह सर पंच दौसा, राजकुमार ख़टाना करौली, महेश खेडला ब्लॉक अध्यक्ष महुआ ने भी भाग लिया।
किसान सम्मेलन में किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान की कोई जाति नही है, फिर भी जातियों में बांट दिया है। किसान को समर्थन मूल्य की नही, लाभकारी मूल्य की जरूरत है। किसानों को संगठन बनाने होंगे। खेती घाटे का जरिया बनकर रह गया है। जिसके पास खेत है वह कर्जे में डूबा हुआ है। खेती की लागत कई गुना बढ़ चुकी है। लेकिन किसानों को उत्पादन के वाजिब दाम नहीं मिल रहे है। किसानों को समय पर बिजली नहीं मिल पा रही है डीएपी यूरिया खाद के हालात तो और भी खराब हैं।
किसान नेता इन्दल सिंह ने कहा कि सरकारें जल जंगल और जमीनों तथा पहाड़ों को पूंजीपतियों को देती जा रही है । देश में लाखों किसानों ने आत्महत्याएँ की है लेकिन सरकारें किसानों के मुद्दों का समाधान नहीं कर रही । उन्होंने कहा कि भरतपुर जिले में सिंचाई के पानी और रोजगार का प्रबंध नहीं है , बाणगंगा नदी ' गम्भीर और रुपारेल सूखी पड़ी हुई है जबकि चम्बल और उसकी सहायक नदियों का पानी बेकार बहकर समुद्र में जा रहा है , सरकार को इआरसीपी - पीकेसी के कार्य को जल्दि पूरा करना चाहिये तथा भरतपुर जिले को प्रथम चरण में पानी मिलना चाहिये ।सियाराम शर्मा ने बताया की खेती से जुड़े हर व्यक्ति किसान है। किसान भारत की रीढ़ है। उद्योग पति भी किसान पर निर्भर है। सभी संगठित होकर किसानों की आवाज उठाए। खाद ब्लैक में मिल रहा है।
वहीं मुख्य अतिथि के रूप में सांसद संजना जाटव ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान कड़ाके की ठंड में बहुत परेशान है जो लाइट दिन में मिलनी चाहिए उसे रात्रि में दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर किसानों को खाद भी समय पर नहीं मिल पा रहा है । हम सबको मिलकर संगठन को मजबूत बनाना चाहिए।