मोतीवाड़ा में कृष्ण रुक्मणी विवाह पर महिलाओं ने गाए मंगल गीत
सकट (अलवर) क्षेत्र के मोती वाड़ा गांव में देवनारायण व डुंगरी वाले भैरु बाबा के वार्षिक मेले को लेकर ग्रामीणों के सहयोग से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कथा के छठे दिन शुक्रवार को भागवत कथा में कृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग हुआ। कथावाचक महंत राम रतन दास ने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। भागवत श्रवण से मनुष्य के सभी मनोरथ सहज ही पूर्ण हो जाते हैं। ईश्वर की भक्ति में ही शक्ति निहित है। उन्होंने महारास गोपी विरह किशोरी उद्व मिलन कृष्ण रुक्मणी विवाह आदि के प्रसंगों का वर्णन किया। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण व रुक्मिणी जी की संजीव झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने झांकी पर पुष्प वर्षा कर भगवान के जयकारे लगाए और कृष्ण रुक्मणी विवाह पर बढ़-चढ़कर कन्यादान किया। इस दौरान महिलाओं ने बधाई व मंगल गीत गाए। भगवान श्री कृष्ण रुकमणी जी के जयकारों से संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो गया। वही कथा के दौरान गाए गए भजनों पर महिला श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। ग्रामीण भरत गुर्जर ने बताया कि कथा का समापन पूर्णाहुति व भंडारे के साथ 1 फरवरी को होगा। इस मौके पर पद दंगल आयोजित होगा पद दंगल में डॉ महेश मीणा महुआ व रघुवीर गुर्जर सोडाला बांछड़ा एण्ड पार्टी के कलाकारो द्वारा धार्मिक व पौराणिक कथाओं की प्रस्तुति दी जाएगी।