गुटके की सरेआम कालाबाजारी अंकुश हुआ समाप्त
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में मामा एवं जयंती गुटखा के डीलरों एवं दुकानदारों द्वारा सरेआम कालाबाजारी की जा रही है।इन पर लगाम लगाने वालों का उनकी और कोई ध्यान नहीं है । दुकानदार इससे काफी आहत व परेशान हैं । और छोटे दुकानदार जो महंगा गुटखा डीलरों से नहीं खरीद सकते हैं।
डीलर्स द्वारा सही दाम लेने की कहने पर दुकानदार से गाली गलौज करते हैं और मारपीट को उतारू हो जाते हैं इससे छोटे व गरीब दुकानदारों में काफी भय व्याप्त है तथा मामा एवं जयंती गुटखा के डीलरों द्वारा सरेआम गुटखों की कालाबाजारी की जा रही है और उन्हें महंगे दामों पर बेचा जा रहा है जिससे डीलर काफी ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं जबकि छोटे दुकानदार गुटका खाने वालों की गलत बातें सुन रहे हैं अभी कुछ दिन पूर्व की की ही घटना है एक व्यक्ति जो गांव-गांव जाकर गुटखा बेचने का कार्य करता है तथा अपने परिवार का गुजर गुजर बसर करता है ने मामा गुटखा के डीलर से गुटका मांगा तो उसने उसे महंगे दाम बताएं तथा उसे व्यक्ति द्वारा गुटका लेने से मना करने पर मामा गुटखा के डीलर द्वारा उस व्यक्ति के साथ गाली गलौज किया गया तथा झगड़ा करने पर उतारू हो गया जिसे बड़ी मुश्किल से बचाया गया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव कामरेड मनोज कुमार बोहरा एडवोकेट द्वारा प्रशासन से इस प्रकार के गुटके बेचने वाले डीलर को की मनमानी एवं कालाबाजारी पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की है तथा इन गुटखा डीलरों के प्रतिष्ठानों तथा गोदाम में एवं अन्य स्थान जहां यह गुटके के बोरी छुपा कर रखते हैं और स्टाक छुपा कर रखा गया है वहां पर छापा मार जावे तथा गुटका स्टाक को बरामद किया जावे ताकि मामा व जयंती गुटखा तथा अन्य गुटखा की कालाबाजारी आदि पर रोक लग सके मामा एवं एवं जयंती गुटखा वह अन्य गुटका बेचने वाले डीलरों के विरुद्ध सख्त- से सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।


