जेम का जागरूकता अभियानः भरतपुर जोन में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)17 फरवरी। राज्य में सुशासन, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्वपूर्ण वित्तीय प्रबंधन की संकल्पना को साकार रूप प्रदान करने की दिशा में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) द्वारा सतत जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कार्यालय संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, भरतपुर जोन के संयुक्त तत्वावधान में संभाग स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में संभाग के विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्ण सहभागिता करते हुए जेम पोर्टल के प्रभावी एवं परिणामकारी उपयोग की बारीकियों को समझा। प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रियाओं को डिजिटल दक्षता से जोड़ते हुए उन्हें अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी, त्वरित एवं जनोन्मुख बनाना रहा, ताकि सार्वजनिक धन का उपयोग अधिकतम जवाबदेही के साथ सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, भरतपुर जोन डॉ. सुनील कुमार सिवोदिया तथा वित्तीय सलाहकार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, राजस्थान, जयपुर मनोज शांडिल्य द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि जेम प्लेटफॉर्म केवल एक डिजिटल पोर्टल नहीं, बल्कि पारदर्शी शासन व्यवस्था का सशक्त सेतु है, जो सरकारी खरीद प्रणाली में निष्पक्षता, प्रतिस्पर्धा एवं विश्वास की नवीन संस्कृति का संवाहक बन रहा है। उन्होंने विभागीय क्रय में जेम के उपयोग को व्यापक बनाने, वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने तथा ई-गवर्नेंस के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं उत्तरदायी बनाने पर बल दिया।
प्रशिक्षण सत्र में जेम के उप निदेशक एवं राज्य नोडल अधिकारी पियूष कुमार तथा विक्रांत त्रिपाठी द्वारा जेम पोर्टल की कार्यप्रणाली, विभिन्न मॉड्यूल्स, निविदा प्रक्रियाओं एवं क्रय प्रबंधन की व्यवहारिक बारीकियों पर विस्तृत एवं संवादात्मक प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रतिभागियों ने जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछते हुए प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
उल्लेखनीय है कि जेम द्वारा प्रदेशभर में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम सतत आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि सभी विभागों में पोर्टल का व्यापक उपयोग सुनिश्चित हो सके और सरकारी खरीद प्रणाली पारदर्शिता, दक्षता एवं विश्वास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर सके।


