प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ा न्याणा गांव,एक साल से सड़कों पर बह रहा कीचड़, सिस्टम की सुस्ती से ग्रामीण बेहाल
गोविन्दगढ़,अलवर
गोविन्दगढ़ पंचायत समिति के न्याणा गांव में विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित दिख रहे हैं। यहां मुख्य मार्ग पर पिछले एक वर्ष से नालियों का गंदा पानी और कीचड़ जमा है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। रास्ते में एक फुट से अधिक पानी जमा होने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित है।
यह मार्ग गांव का मुख्य रास्ता है, जिससे रोजाना सैकड़ों वाहन और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। स्थानीय निवासी सुंदरलाल और कृष्णा देवी ने बताया कि गंदा पानी भरा होने के कारण स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं आए दिन कीचड़ में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बच्चों के कपड़े खराब होने से उन्हें वापस घर ले जाकर नहलाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है।
गंदगी के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे टाइफाइड और त्वचा रोगों जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण राजेश कुमार ने बताया कि गंदा पानी उनके पीने के पानी के बोरवेल में मिल रहा है। साथ ही, यह पानी मकानों की नींव में जा रहा है, जिससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निकास को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीति हो रही है, जिसके दबाव में अधिकारी कोई सख्त कदम नहीं उठा पा रहे हैं। कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक धरातल पर कोई सुधार नहीं दिखा है।
इस पूरे मामले पर सहायक विकास अधिकारी सुभाष शर्मा से बात की गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि नाला निर्माण की स्वीकृति मिलने में कुछ समय लगा था, लेकिन अब स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवाकर ग्रामीणों को इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी।

