सदर बाजार में आवारा सांडों का तांडव, कई वाहन आये चपेट में
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके सदर बाजार में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो आवारा सांडों ने आपस में लड़ते हुए जमकर उत्पात मचाया। रमजान के पवित्र महीने के चलते बाजार में खरीदारी के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच इस घटना ने स्थानीय प्रशासन के दावों और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। सदर बाजार के बीचों-बीच दो सांड अचानक एक-दूसरे से भिड़ गए। सांडों की यह लड़ाई इतनी आक्रामक थी कि उन्होंने वहां से गुजर रहे राहगीरों और दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। सांडों के टकराने से सड़क पर खड़ी कई बाइकें गिर गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि सांडों के पैरों के नीचे आने से लोग बाल-बाल बच गए, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। चूंकि अभी रमजान का महीना चल रहा है, इसलिए खरीदारी के लिए काफी भीड़ थी।
सांडों को अपनी ओर आता देख महिलाओं और बच्चों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर दुकानों में घुसने लगे। कुछ समय के लिए बाजार में पूरी तरह अफ़रा-तफ़री का माहौल बना रहा और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने नगर परिषद के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि शहर के मुख्य बाजारों में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इन पशुओं को पकड़ने या नंदीशाला भेजने में नाकाम रहा है। त्योहारी सीजन में भीड़ अधिक होने के कारण ऐसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। फिलहाल, काफी मशक्कत के बाद सांडों को वहां से खदेड़ा गया, जिसके बाद बाजार की स्थिति सामान्य हो सकी। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रमजान और आने वाली ईद के मद्देनजर बाजार में सुरक्षा बढ़ाई जाए और आवारा पशुओं को तुरंत शहर से बाहर किया जाए।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि- सदर बाजार जैसे संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाके में आवारा पशुओं का होना सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ है। आज तो लोग बच गए, लेकिन अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।