1 अप्रेल से राजस्थान में लागू होगी कचरा संग्रहण की नई व्यवस्था
जयपुर (कमलेश जैन) राजस्थान की राजधानी सहित अन्य निकायों में एक अप्रेल से ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 लागू हो जाएगा। नए नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में जो हूपर चल रहे हैं, उनमें फिलहाल केवल 2 कम्पार्टमेंट हैं। नए नियमों के अनुसार चार तरह का कचरा अलग-अलग लेना निकायों की प्राथमिकता है। लेकिन संचालित हूपर्स में अभी गीला और सूखा कचरे के लिए ही बॉक्स हैं।
- 1- कचरे का स्रोत पर पृथक्करण सुनिश्चित करना होगा।
- 2- 4 प्रकार के कचरे के लिए अलग-अलग कलेक्शन सिस्टम बनाना होगा।
- 3- आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और कलेक्शन वाहन तैयार करने होंगे।
- 4- जिला कलेक्टर वेस्ट मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट कर रिपोर्ट देंगे।
- 5- सभी स्थानीय निकायों को 100 फीसदी अनुपालन की समयसीमा तय करनी होगी।
दो ही कम्पार्टमेंट, बाकी की खानापूर्ति ज्यादातर जोन में कचरा संग्रहण की व्यवस्था निजी ठेकेदारों कंपनियों के हाथों में है। यहां चल रहे हूपर्स में केवल दो कम्पार्टमेंट हैं।
चार बॉक्स क्यों जरूरी?
- 1- गीला कचरा : रसोई और जैविक कचरा।
- 2- सूखा कचरा : प्लास्टिक, कागज, धातु आदि।
- 3- सैनिटरी कचरा : डायपर, सैनिटरी पैड।
- 4- विशेष/खतरनाक कचरा : दवाइयां, केमिकल, बल्ब आदि।
एक अप्रेल तक यदि गाइडलाइन के हिसाब से बदलाव नहीं तो कार्रवाई
नई गाइडलाइन के अनुसार कचरा संग्रहण करने वाली ठेकेदार कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं। हूपर्स पर चार कम्पार्टमेंट जरूरी है। उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए कहा गया है। एक अप्रेल तक यदि गाइडलाइन के हिसाब से बदलाव नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।