अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता: डीआईजी देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने दिए कड़े दिशा-निर्देश
नारायणपुर (भारत कुमार शर्मा)
कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस मुख्यालय पर गुरुवार, 12 मार्च 2026 को अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण अपराध गोष्ठी (Crime Meeting) का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता श्री देवेन्द्र कुमार बिश्नोई (आई.पी.एस.), उप महानिरीक्षक पुलिस सह-पुलिस अधीक्षक जिला कोटपूतली-बहरोड़ ने की। इस दौरान जिले के समस्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वृताधिकारी और थानाधिकारी मौजूद रहे।
माफियाओं और हार्डकोर अपराधियों पर 'जीरो टॉलरेंस'
डीआईजी बिश्नोई ने गोष्ठी में स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन, शराब तस्करी, ड्रग्स और हथियार माफियाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ प्रभावी और कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिले के हार्डकोर अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों (H.S.) पर पैनी नजर रखने के आदेश दिए गए।
आमजन से जुड़ाव और लंबित प्रकरणों का निस्तारण
बैठक में डीआईजी ने पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थाने पहुंचने वाले हर परिवादी की समस्या को पुलिस अधिकारी मधुर व्यवहार के साथ सुनें और उनका उचित निराकरण करें। इसके अलावा, संपत्ति संबंधी अपराधों का खुलासा कर बरामदगी तेज करने, गुमशुदा बच्चों व महिलाओं की शीघ्र दस्तयाबी और लंबे समय से पेंडिंग चल रहे प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
वारंटियों की धरपकड़ और नए कानूनों का क्रियान्वयन
पुलिस अधीक्षक ने पुराने आपराधिक मामलों में फरार चल रहे स्थाई वारंटियों, पी.ओ. और भगोड़ों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। साथ ही, हाल ही में लागू हुए नवीन आपराधिक कानूनों के संबंध में प्रभावी कार्यवाही करने और लोकल व स्पेशल एक्ट के तहत अधिक से अधिक मामले दर्ज कर अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी