108 कुंडीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ:राणासर में स्थित निर्झर धाम आश्रम पर सातवें दिन तक लगी 35 लाख आहुतियां
उदयपुरवाटी / सुमेर सिंह राव
नीमकाथाना के नजदीक राणासर के पास स्थित निर्झर धाम आश्रम पर चल रहे 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ मैं स्वाहा स्वाहा के उद्घोष के साथ रोज 5 लाख आहुतियां दी जा रही है l विद्वान पंडितो द्वारा रोज यज्ञ में आहुतियां दिलवाई जा रही है l नीमकाथाना के किरोड़ीमल मोदी एवं छगनलाल मोदी प्रधान कुंड पर सहपत्नीक यज्ञ में आहुति दे रहे हैं l इनके साथ ही यज्ञ में 125 जोड़े भी रोज आहुतियां दे रहे हैं l यज्ञ प्रेमी मदन लाल भंवरिया ने बताया कि यज्ञ में आहुति का अर्थ है अग्नि के माध्यम से देवताओं को हवन सामग्री समर्पित करना l यह समर्पण और त्याग का प्रतीक है जो वातावरण को शुद्ध नकारात्मक ऊर्जा को दूर और सूक्ष्म शक्तियों को पुष्ट करता है l स्वाहा बोलकर दी गई आहुति जो औषधि जड़ी बूटियां से युक्त होती है l भावरिया के अनुसार यज्ञ में आहुति देना ( हवन ) देवताओं को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद आरोग्य निरोगी काया और मानसिक शांति का पुण्य प्रदान करता है यह वातावरण को शुद्ध करता है और हानिकारक कीटाणु का नाश करता है जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है l मान्यता है की आहुति से देवता प्रसन्न होकर पोषण और समृद्धि का वरदान देते हैं l यज्ञ के दौरान भंडारे में रोज हजारों की तादाद में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं l इस दौरान विद्वान पंडित संजय शास्त्री, श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास महाराज, झडाया बालाजी मंदिर के महंत महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री सीताराम दास जी महाराज, दौलत राम गोयल, महेश कुमार, बजरंग लाल पटेल, कैप्टन रामनिवास ताखर, राणासर सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार जाखड़, महेंद्र सिंह तेतरवाल सहित कई लोग मौजूद रहे l