लधुकाशी कस्वा वैर से कैला देवी पदयात्रा रवाना, गाजे-बाजे के साथ रवाना हुए देवी भक्त
वैर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय). लधुकाशी के नाम से विख्यात एवं श्री श्री 1008 श्री बाबा मनोहर दास जी महाराज की तपोस्थली कस्बा वैर से माँ कैला देवी (करौली) के दर्शन के लिए हर वर्ष निकलने वाली पदयात्रा इस बार भी श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना हुई। कैला मित्र मंडल पुरानी अनाज मंडी वैर की ओर से आयोजित इस पदयात्रा में करीब 28-29 श्रद्धालु शामिल हुए। श्रृद्धालुओं ने सर्व प्रथम मां कैला देवी की पूजा अर्चना कर आरती उतार कर प्रसादी वितरण किया। मां कैला देवी के जयकारों के साथ गाजे -बाजे और भजनों के साथ श्रद्धालुओं का दल वैर से कैला देवी धाम के लिए नाचते, कूदते, झूमते, रवाना हुआ। कस्बा वैर का वातावरण जयकारों से गुंजायमान हो उठा ।
गौरतलब है कि करौली जिले में स्थित प्रसिद्ध कैलादेवी मंदिर तक हर साल आगरा, भरतपुर, बयाना, रुदावल सहित कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए पहुंचते हैं। श्रद्धालु पूरे रास्ते माँ कैला देवी के भजनों पर नृत्य करते हुए और जयकारे लगाते हुए यात्रा करते हैं।
पदयात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है, जहां यात्रियों के लिए भोजन और जल की व्यवस्था की गई है। इस धार्मिक यात्रा में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। माँ कैला देवी के प्रति श्रद्धा और आस्था का यह अद्भुत संगम पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा है।