राजस्थान जैन साहित्य परिषद की “क्रिया -परिणाम -अभिप्राय” विषय पर हुई विचार गोष्ठी
जयपुर (कमलेश जैन) राजस्थान जैन साहित्य परिषद की मासिक विचार गोष्ठी रविवार को पार्श्व नाथ दिगम्बर जैन मंदिर चोमू बाग सांगानेर में आचार्य श्री १०८ विभक्त सागर जी महाराज एवं आर्यिका नंदीश्वर मति माताजी के पावन सानिध्य में हुई ।
परिषद के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने बताया कि विचार गोष्ठी का विषय “क्रिया -परिणाम -अभिप्राय” था । गोष्ठी के मुख्य वक्ता डा० भाग चंद जैन द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से बहुत ही सरल भाषा में अंतरंग , बाह्य , लौकिक तथा धार्मिक क्रिया, शुभ , अशुभ तथा शुद्ध परिणाम , एवं मिथ्या दृष्टि तथा सम्यक दृष्टि अभिप्राय के बारे में उदाहरण सहित समझाया गया ।
परिषद के मंत्री महावीर चांदवाड़ के अनुसार इसके पूर्व मंगलाचरण तथा दीप प्रज्वलन कर आचार्य विभक्त सागर व आर्यिका नन्दीश्वर मति माताजी का पाद प्रक्षालन अतिथियों द्वारा किया गया । दोनों संतों ने विषय पर अपने विचार रखे तथा परिषद के ऐसे कार्यों की सराहना की ।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार छाबड़ा , उपाध्यक्ष प्रह्लाद जैन , मंत्री आशीष जैन पाटनी , कोषाध्यक्ष मुकेश छाबड़ा , सदस्य अनिल जैन महेश लुहाड़िया, अशोक पाटनी,व सुरेश बड़जात्या ने परिषद के पदाधिकारियों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया । मुख्य वक्ता का स्वागत परिषद के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला के साथ योगेश टोडरका कैलाश मलैया अरविंद जैन सरोज जैन आदि ने किया ।
कार्यक्रम में बीएल गोदीका, राजस्थान जैन सभा की राखी जैन , धर्म जागृति संस्थान के पंकज लुहाड़िया , महेश काला व सोभाग अजमेरा , जैन बैंकर्स फोरम के लवनीश बगड़ा , जैन पत्रकार महासंघ के उदय भान जैन , नमोकार परिषद के हरक चंद बडजात्या हमीरपुर सहित परिषद व समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही । कार्यक्रम का सुंदर संचालन संयुक्त मंत्री प० रमेश चंद गंगवाल ने किया तथा सभी को धन्यवाद संयोजक सुदर्शन पाटनी ने दिया । जिनवाणी स्तुति के साथ गोष्ठी का समापन हुआ ।