वर्ष 2022 में सरकार ने लगाई थी रोक, नगर परिषद क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा उपयोग, कार्रवाई नहीं
खैरथल (हीरालाल भूरानी) सरकार द्वारा 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद शहर में इसका उपयोग खुलेआम जारी है। हालात ये हैं कि कॉलोनियों की छोटी दुकानों से लेकर मुख्य बाजार और सब्जी मंडी तक हर जगह पॉलिथीन का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। शहर के बाजारों में न सिर्फ पॉलिथीन का उपयोग हो रहा है, बल्कि कई व्यापारियों के गोदामों में इसका बड़ा स्टॉक भी जमा है। वहीं इन सबके बावजूद नगर परिषद और प्रशासन की ओर से कार्रवाई को लेकर ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे, जिससे प्रतिबंध का असर फीका पड़ गया है।
शादी सीजन में बढ़ेगी खपत
खरमास खत्म होने पर 14 अप्रैल के बाद फिर शादी-विवाह का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सिंगल यूज प्लास्टिक से बने दोना-पत्तल और अन्य सामग्री की मांग बढ़ने की संभावना है। वर्तमान में ही शहर में रोजाना करीब आधा क्विंटल पॉलिथीन का उपयोग हो रहा है, जो आने वाले समय में और बढ़ सकता है। व्यापारियों का कहना है कि वे पॉलिथीन रखना नहीं चाहते, लेकिन इससे सस्ता और आसान विकल्प बाजार में उपलब्ध नहीं है। ग्राहकों को सामान देने के लिए उन्हें मजबूरन पॉलिथीन का उपयोग करना पड़ रहा है। शहर की सब्जी मंडी में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां व्यापारी खुलेआम पॉलिथीन में सब्जियां भरकर ग्राहकों को दे रहे हैं। न तो दुकानदार इस आदत को छोड़ पा रहे हैं और न ही घर से कपड़े का थैला लाता है।
शहर की प्रतिदिन होने वाली सफाई के दौरान निकलने वाले कचरे में सबसे अधिक मात्रा प्लास्टिक पॉलीथिन की होती हैं। वहीं कुछ लोग पॉलीथिन में सड़ी गली सब्जियों या अन्य सामान को भरकर रास्ते में फेंक देते हैं, जिसे आवारा घूमते मवेशी खा जाते हैं, इससे पशुओं की मौत तक हो जाती है।
इस संबंध में नगर परिषद खैरथल आयुक्त मुकेश शर्मा ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध है। समय समय पर पॉलिथीन बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और लोगों को भी जागरुक किया जाता है। जल्द ही टीम गठित कर पॉलिथीन बेचने वाले दुकानदारों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।