रात में फेंका जा रहा कचरा, 50 से अधिक कुत्तों का जमावड़ा, बीमारियों का बढ़ा खतरा, लोगों में रोष, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान; गंदा नाला बना मुसीबत, अपशिष्ट से फैल रही दुर्गंध
खैरथल (हीरालाल भूरानी) शहर के किशनगढ़ रोड स्थित गंदे नाले के ऊपर और आसपास का क्षेत्र इन दिनों स्थानीय निवासियों व राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को दुर्गंध के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। जानकारी के अनुसार, शहर में मीट-मछली का कारोबार करने वाले कुछ दुकानदार प्रतिदिन रात्रि के अंधेरे में नाले के पास मांस का अपशिष्ट फेंक जाते हैं। इससे पूरे क्षेत्र में असहनीय बदबू फैल रही है। नाले के आसपास झाड़ियों में करीब 50 से अधिक कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जो अपशिष्ट खाने के कारण अधिक आक्रामक हो गए हैं। इससे कॉलोनीवासियों को अपने बच्चों और खुद की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। कुत्तों के हमले का डर हर समय बना रहता है। वहीं, रीको फैक्ट्री एरिया का केमिकल युक्त गंदा पानी भी इसी नाले से होकर गुजरता है, जो दुर्गंध को और अधिक बढ़ाता है तथा बीमारी फैलने का खतरा पैदा करता है। इस गंदगी और दूषित वातावरण के कारण क्षेत्र में डेंगू और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि कई बार लोगों द्वारा कचरा फेंकने वालों को रोका गया, लेकिन वे हर बार बहाना बनाकर निकल जाते हैं और अगले दिन फिर वही स्थिति बन जाती है। नगर परिषद और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। विक्रम सैनी नें बताया कि मुझे रोज सुबह दुकान पर जाने और दोपहर व रात में घर आने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। मेरे परिवार और कर्मचारियों का भी यही रास्ता है। यहां फैली बदबू और गंदगी ने जीना मुश्किल कर दिया है। प्रशासन की अनदेखी हमें बेचैन कर रही है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो हम उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर मुख्यमंत्री तक शिकायत भेजेंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देकर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके।