सैकड़ों फाइलें महीनों से अटकी, बढ़ा असंतोष; खैरथल में शिक्षकों के एसीपी-एमएसीपी प्रकरण लंबित विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी उठे सवाल
खैरथल (हीरालाल भूरानी) जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिक्षकों के लंबित प्रकरणों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी शकुंतला मीणा के पास करीब 100 एसीपी / एमएसीपी प्रकरण पिछले कई महीनों से लंबित हैं। निस्तारण में देरी के कारण शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
शिक्षकों का कहना है कि जब विभागीय कर्मचारियों के ही कार्य समय पर नहीं हो पा रहे, तो आमजन के कार्यों की स्थिति सहज ही समझी जा सकती है। लंबे समय से लंबित मामलों के कारण शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है और वे शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।
एसीपी (अस्सूर्ड कैरियर एवं एमएसीपी प्रोग्रेशन) (मॉडिफाइड एसीपी) योजनाओं के तहत कर्मचारियों को निर्धारित अवधि में पदोन्नति नहीं मिलने पर वित्तीय लाभ दिया जाता है। इन योजनाओं का उद्देश्य समय पर आर्थिक उन्नयन सुनिश्चित करना है, लेकिन प्रकरण लंबित होने से शिक्षक इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी जिले का प्रदर्शन कमजोर बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, विद्यार्थियों की उपस्थिति और विद्यालय निरीक्षण जैसे मामलों में जिला प्रदेश स्तर पर पीछे बना हुआ है। इस संबंध में जब संपर्क किया गया, तो अधिकारी ने व्यस्तता का हवाला देते हुए प्रतिक्रिया नहीं दी।